बाबा रामदेव पर करवाया गया मुकदमा दर्ज ।

क्या सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए दायर किया गया याचिका ?

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

बिहार /डेस्क

बिहार के मुजफ्फरपुर में पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के स्वामी रामदेव एवं आचार्य बाल कृष्ण के ऊपर मुकदमा दर्ज करवाने का मामला प्रकाश में आया है ।मालूम हो कि तमन्ना हाशमी नाम के युवक ने यह मामला दर्ज करवाया है और बाबा पर यह आरोप लगाया है की उनके द्वारा कोरोना महामारी की बनाई गई दवा लोगो को गुमराह करने के लिए बनाई गई है । जानकारी के मुताबिक 30 जून को कोर्ट इसपर सुनवाई करेगा ।मालूम हो कि मंगलवार को हो बाबा रामदेव ने

कोरोनील दवा लॉन्च की थी और उनका कहना था कि 7 दिन में यह दवा पूरी तरह covid 19 बीमारी को जड़ से खत्म कर देगी । बाबा द्वारा यह दावा किया गया था कि दवाई को लेकर सभी प्रकार के टेस्ट किए जा चुके है और अगले 7 दिनों में दवा को पतंजलि स्टोर में उपलब्ध करवाने की जानकारी भी दी थी ।

अब जब यह मामला दर्ज करवाया गया है उसके बाद याचिकाकर्ता पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे है कि आखिर याचिका कर्ता कि मनसा इसके पीछे क्या है ।मालूम हो कि आयुर्वेद सदियों पुरानी भारतीय परंपरा है और अमरीका तक आयुर्वेद के इलाज को प्राथमिकता देता है उसके बावजूद बाबा रामदेव द्वारा दवा बनाने और सभी मानकों पर खरा उतरने का दावा करने के बाद एफआईआर दर्ज करवाना कही यह सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए तो नहीं कि गई है ।जरूरत है केंद्र सरकार संबंधित मंत्रालय को इस मामले पर सामने आ कर लोगो के बीच उपजे भ्रम को दूर करने की ताकि महामारी से भयभीत लोग दवा मिलने के बाद राहत की सांस ले ।