बंगाल/कोलकाता
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पश्चिम बंगाल के चुनाव में ओवेशी की पार्टी पूरे दम खम के साथ उतरेगी इसका संकेत उन्होंने आज अपने बंगाल दौरे के क्रम में दे दिया है ।मालूम हो कि ओवैसी रविवार सुबह बंगाल के दौरे पर हैदराबाद से विमान से कोलकाता पहुंचें। कोलकाता पहुंचने के साथ ही वह सीधे हुगली में फुरफुरा शरीफ में पीर की दरगाह पर पहुंचे। वहां दुआएं मांगीं और फुरफुरा शरीफ के पीरज़ादा अब्बास सिद्दीकी के साथ मुलाकात और बैठक की।
पीरजादा अब्बास सिद्धकी से मुलाकात के बाद अशद उद्दीन ओवेशी मीडिया से रूबरू हुए और उन्होंने टीमएसी प्रमुख ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को उनके संगठन पर आरोप लगाने के बजाए खुद का आत्मनिरीक्षण करना चाहिए और देखना चाहिए कि किस तरह से बीजेपी ने राज्य में 18 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की।
ओवैसी ने खुद को सियासत की लैला बताते हुए कहा कि उनके मजनू बहुत हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के इन दावों को खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी बीजेपी की बी-टीम है और भगवा दल के विरोधी वोट में सेंध लगाएगी।ओवैसी ने पत्रकारों से कहा, ”हम राजनीतिक दल हैं, हम अपनी उपस्थिति साबित करेंगे और बंगाल में चुनाव लड़ेंगे।”
ओवैसी ने कहा, ”… भारत की सियासत की मैं लैला हूं और मेरे मजनू बहुत हैं, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता।” उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने अभी यह तय नहीं किया है कि यह अकेले चुनाव लड़ेगी या किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन करेगी। एआईएमआईएम प्रमुख ने दावा किया कि फुरफुरा शरीफ के पीरजादा सिद्दिकी का उन्हें समर्थन हासिल है।
मालूम हो कि बंगाल के हुगली जिले में फुरफुरा शरीफ विख्यात दरगाह है।ओवेशी के दौरे के बाद राज्य की मुख्य मंत्री ममता बनर्जी की मुश्किल बढ़ चुकी है और तृणमूल कांग्रेस के नेताओ को ऐसा लगने लगा है कि अगर ओवेशी चुनाव लड़ते है तो मुस्लिम वोटो का धुव्रीकरण होगा जिसका खामियाजा पार्टी को उठाना पड़ सकता है ।