डेस्क/न्यूज लेमनचूस
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बिहार के नालंदा जिले में एबुलेंस कर्मचारी की पिटाई के विरोध मे कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से जिले मे एबुलेंस सेवा शुक्रवार से ठप हो गयी है। जिसके बाद एक परिवार को ठेले पर ही डेड बॉडी ले जाना पड़ा ।
एंबुलेंस संघ के जिलाध्यक्ष अमित पांडेय ने बताया कि भागनबीघा थाने की पुलिस ने एक घायल व्यक्ति को सदर अस्पताल पहुंचाने के लिए एबुलेंसकर्मी मनीष कुमार को कहा था लेकिन मनीष ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित होने के कारण बिहारशरीफ सदर अस्पताल ले जाने की जगह रहुई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की बात कही।
इसी बात को लेकर एंबुलेंसकर्मी और पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंसकर्मी के साथ पिटाई कर उसे घायल कर दिया।
एंबुलेंसकर्मी को बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया ,जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में पटना रेफर कर दिया है। इस घटना के विरोध में 102 नंबर एंबुलेंस के सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
घटना के बाद मरीजों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है । जानकारी के मुताबिक एक महिला जिसने शराब बेचने का विरोध किया था उसकी पिटाई गुंडों ने कर दी थी जिसके बाद उसकी मौत हो गई । लेकिन एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल के कारण उसके शव को ठेके पर ही परिजन ले गए ।