खोरीबाड़ी /चंदन मंडल
भारत में लगातार कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। कोरोना महामारी इस लहर ने इस वर्ष विभिन्न राज्यों को तेजी से अपने चपेट में लेने लगा है। जिससे पूरे उत्तर बंगाल सहित खोरीबाड़ी क्षेत्र भी अछूता नहीं है। यहां भी कोरोना मरीज रोजाना पाये जा रहे हैं। रोज किसी न किसी की मौत की भी खबर आ रही है। वहीं, हर दिन कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बीच भाजपा के लिए खोरीबाड़ी क्षेत्र में बुरी खबर आयी है। भाजपा के रानीगंज – बिन्नाबाड़ी के बूथ संख्या – 44 के अध्यक्ष शंकर घोष की कोरोना से मौत हो गयी। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थे।
उनका इलाज उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में चल रहा था। इलाज के दौरान सोमवार को उनकी मौत हो गयी। उनके निधन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने शोक व्यक्त किया है। इस संबंध में भाजपा के जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष कंचन देवनाथ ने बताया कि अचानक शंकर घोष के निधन होने पर पूरे भाजपा कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई । वे पार्टी के युवा कार्यकर्ता थे।आज किसी ने नहीं सोचा था कि हमलोग को अचानक से ऐसे छोड़कर चले जायेंगे। उनके निधन पर दार्जीलिंग जिला के भाजपा सांसद राजू विष्ट ,भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल , फांसीदेवा भाजपा विधायक दुर्गा मुर्मु , नेशनल कॉउंसिल के सदस्य गणेश चन्द्र देवनाथ आदि ने उनके निधन पर दुःख व्यक्त किया है। साथ ही शंकर घोष के निधन पर उनके परिवार में शोक व्याप्त है।
- Hello world!Welcome to WordPress. This is your first post. Edit or delete it, then start writing!
- जयंती विशेष :युवा संन्यासी का पुण्य स्मरण ,पढ़े स्वामी विवेकानंद जी के अनोमल सुविचारजयंती/विशेष देश आज स्वामी विवेकानंद जी की 159 वी जयंती मना रहा है ।स्वामी जी के विचार युवाओं के लिए आज भी प्रासंगिक है ।स्वामी विवेकानंद भारतीयों को ऐसी शिक्षा ग्रहण करने के पैरोकार थे जो उनमें मजबूत आत्मविश्वास… Read more: जयंती विशेष :युवा संन्यासी का पुण्य स्मरण ,पढ़े स्वामी विवेकानंद जी के अनोमल सुविचार
- कविता :आज के अविरल कविमधुबाला मौर्या सोच रही हु किसपे लिखूकवि पर या कविता परव्याकुल मन अधीर हो बैठाखोजने चली जब दिनकर को , एक समय था आज की नहीं बीते हुए कल की,एक महादेवी देवी वर्मा थी दूजेहरिवंशराय बच्चन जी , समय… Read more: कविता :आज के अविरल कवि
- चुनिंदा शायरीजो महसूस करते हैं वो बयाँ कर देते हैं,हमसे लफ़्ज़ों की दग़ाबाज़ी नहींं होती। आहिस्ता आहिस्ताआहिस्ता आहिस्ता बढ़ रहीं हैंचेहरे की लकीरें….!!शायद नादानी औरतजुर्बे मेंबंटवारा हो रहा है….!! दुरियां जब बढ़ी तो,गलतफैमियां भी बढ़ गई।फिर उसने वो भी सुना,जो… Read more: चुनिंदा शायरी
- कविता :जब कोई आदमी करता है किसी से सच्चा प्यारजब कोई आदमीकरता है किसी सेसच्चा प्यारतो सब कुछ बताना चाहता है ! आसमान का रंगइस समय कैसा हैकैसी हो रही है बारिशअचानक उसके शहर मेंकितनी उल्लसित हैं तरंगेंसमुद्र मेंकितना-कितना गर्जनकितनी गहरी है रातकितनी उदासी ! वह अपनी हर… Read more: कविता :जब कोई आदमी करता है किसी से सच्चा प्यार
Leave a Reply