किशनगंज/विजय कुमार साहा
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रखंड के रहमतपुर से देवरी तक जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क में सुहिया हाट के निकट कलवर्ट ध्वस्त है।कलवर्ट ध्वस्त होने से राहगीरों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।ज्ञात हो कि यहां 2017 में भीषण बाढ़ आई थी।जिसके कारण सड़क कलवर्ट एवं कई गाँव रेतुआ नदी के चपेट में आ गई।2017 से ही स्थानीय लोगों के लिए आवाजाही का संकट उत्पन्न हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ के लोग खेती और मजदूरी कर अपना जीविका चलते हैं। वे खेती तो कर लेते हैं,लेकिन जब उनके खेतों में अनाज होता है,तो लेने वाला कोई नहीं आता।वे अपना खेत का अनाज को बेचने गाँव से बाहर नहीं ले जा पाते हैं और औने पौने भाव में उन्हें व्यपारियों के पास बेचना पड़ता है।व्यपारी भी मनमानी भाव में अनाज लेकर स्टॉक कर लेते हैं।जब बरसात का पानी और नदी का पानी कम हो जाता है।

सड़क कटिंग पर डायवर्सन का पानी भी सुख जाता है तब इन गाँव से अनाज बाहर के अनाज मंडियों तक पहुंच पाती है।इतने दिनों तक यहाँ कोई किसान अपने घरों में अनाज को रोक कर नहीं रख सकते।ऐसे में वर्षो से रहमतपुर से देवरी तक जाने वाली सड़क में कलवर्ट ध्वस्त रहना ग्रामवासियों के लिए चिंता का विषय है।फिरभी स्थानीय प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि इन समस्याओं से बेखबर हैं।
स्थानीय लोगों में भीम देव सिंह,दिनेश सिंह,रामनाथ सिंह,मायानंद सिंह,विद्यानन्द सिंह,भोला साह, संजय साह, शिवनारायण मंडल,दीपलाल मांझी,प्रमोद कुमार मांझी,राधेश्याम सिंह आदि ने बताया इस वर्ष भी जुलाई में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान यहां पहुंचे बीडीओ गुलजारी कुमार पंडित एवं प्रभारी सीओ अनिल कुमार संतोषी से तत्काल डायवर्सन बनवाने की मांग की गई थी।
लेकिन अबतक सड़क कटिंग व ध्वस्त कलवर्ट जस का तस है लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।यहाँ डायवर्सन नहीं बनने से देवरी,उत्तरवाहिनी,हाटगाँव,सुहिया, तेघरिया आदि गाँव के किसानों का मक्का अभी तक घर में सड़ रहा है।