किशनगंज /विजय कुमार साह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भोरहा पंचायत के फुलबड़िया कॉलेज चौक में शनिवार को किसान संघर्ष मोर्चा की बैठक आयोजित की गई। बैठक पूर्व मुखिया लखन लाल पंडित की अध्यक्षता में सम्पन हुई। बैठक में प्रखंड के सभी पंचायतों के जनप्रतिनिधि व किसानों ने भाग लिया। इस बैठक में टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र होकर बहने वाली रेतुआ नदी में महानंदा बेसिन परियोजना के तहत बांध निर्माण के लिए की जा रही जमीन अधिग्रहण को लेकर चर्चा की गई।

बैठक में सभी जनप्रतिनिधियों एवं किसानों ने अपना राय रखा।इस बैठक में जानकारों ने बताया कि महानंदा बेसिन प्रोजेक्ट के तहत जो बांध निर्माण होना है।उसमें किसानों की जमीन एवं आपदा के समय जान माल का भी नुकसान होगा। बांध निर्माण नदी के बगल में ना होकर एक से डेढ़ किलोमीटर दूर कराई जा रही है।जिसमें हजारो एकड़ जमीन एवं गरीबों किसानों का घर उजड़ जाएंगे। उसी को लेकर आपत्ति जताई जा रही है। किसान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष अकमल शम्सी का कहना है कि बांध निर्माण होनी चाहिए, लेकिन लोगों को इसका कम से कम नुकसान हो।
इसी को लेकर बैठक की गई।किसानों की मांग है कि बांध निर्माण के लिए नदी के दोनों किनारे की अधिकतम दूरी 100 मीटर तक हो, ताकि लोगों का घर व खेतिहर जमीन को बचाया जा सके।इस बैठक में किसान संघर्ष मोर्चा के सदस्यों द्वारा संगठन को मजबूत करने पर बल दिया गया।जिसमें हस्ताक्षर अभियान चलाकर किसानों को संघर्ष के लिए जागरूक किया जा रहा है।बैठक में स्थानीय मुखिया नजामुद्दीन, मुदस्सिर आजाद,जिला पार्षद प्रतिनिधि रफीक आलम, हसनैन रजा,हसन जावेद,पूर्व सरपंच खलील अहमद, चिल्हनियाँ ग्राम कचहरी के सरपंच दीप लाल मांझी सहित जनप्रतिनिधि व स्थानीय किसान कमरुल होदा,मो० फिरोज आलम, मो०जाफर,मो० साहिद आलम,जैनुद्दीन,मुजाहिर, कुरहानु,जाकिर आलम, सब्बीर आलम, सुलेमान व अन्य लोग मौजूद थे।