किशनगंज/विजय कुमार साहा
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!टेढ़ागाछ प्रखंड के चिल्हनियाँ पंचायत अंतर्गत चिल्हनियाँ वार्ड नंबर 9 में गाँव की पक्की सड़क पानी में बह गयी।गौरतलब है कि विगत 12 जुलाई को रेतुआ नदी में भीषण बाढ़ आई थी।जिसका उफान से दर्जनों परिवारों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया था।वहीं गाँव की सड़कों पर बाढ़ का पानी दौड़ रहा था।बाढ़ से लोग परेशान थे और वे काफी डरे सहमे हुए थे।उनके सामने संकट का पहाड़ था।परंतु इस गाँव में कहीं कोई ऊंची सड़कें नहीं थी जो मुसीबत के समय में लोग अपनी जान माल बचाने के लिए उन सड़कों पर जाकर शरण ले सके।

स्थानीय ग्रामीणों में कैयूम आलम,इसहाक आलम,इस्लामुद्दीन,मुस्ताक आलम,लजीमुद्दीन,मजेबुल आलम,बादल आलम,रासिद आलम,नसीम अख्तर एवं मो०आजाद आलम ने बताया यहाँ हर वर्ष बाढ़ का पानी उनके घरों को तबाह कर देती है।
वे बार बार जनप्रतिनिधियों से मिलकर अच्छी सड़कें एवं बाढ़ आपदा से सुरक्षित रहने के लिए सामुदायिक भवन बनवाने की गुहार लगाते रहें हैं,लेकिन यहाँ ग्रमीणों की बुनियादी सुविधाओं से किसी को कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने बताया कि विगत वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत पीसीसी सड़क मुखिया कल्पना देवी द्वारा बनवाई गई थी।जिसके निर्माण में भारी पैमाने पर गड़बड़ी की गई थी। जिससे आई बाढ़ में एक साल के भीतर पक्की सड़क पानी में बह गयी।ग्रामीणों ने सुधि लेने की मांग की है।