किशनगंज/देवाशीष चटर्जी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नगर पंचायत बहादुरगंज में टैक्स संग्रहक बहाली मामला धीरे धीरे तूल पकड़ने जा रहा है ।मालूम हो कि नगर पंचायत में चर्चा जोरों पर है ।मालूम हो कि टैक्स संग्रहक को पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी अतिकुर्र रहमान एव नगर पंचायत के सशक्त कमिटी के द्वारा बहाल किया गया था ।जानकारी के मुताबिक दो टैक्स संग्राहक की बहाली एक नियत मानदेय पर कर किसी एक पदाधिकारी वो अन्य कर्मियों की बहाली की प्रक्रिया में अपनाई गई नीतियों पर बड़े पैमाने पर विभागीय नियमों को ठेंगा दिखाकर किया गया जो कि भ्रष्टाचार को उजागर कर रहा है ।स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय नियमो की अवहेलना कर उसी कार्यलय में कार्यरत लिपिक फूल कुमार के पुत्र एव दामाद को 9100 रुपए मानदेय पर बहाल कर दिया गया है।
क्या है मामला
नगर विकास विभाग द्वारा 21-1-2016 को एक आदेश निकला जाता है जिसमे की टैक्स संग्राहक की बहाली करने एवं बहाल किये गए व्यक्तियों को 4% कमिशन पर पूरे नगर विकास विभाग में राज्य के नगर निकायों में 50% से अधिक विभाग द्वारा स्वीकृत पद पर कमीशन के आधार पर बहाली का मामला था ।जिसमें ग्यारह माह के अनुबंध पर बहाली सभी नगर निकायों में करनी थी। उसके बाद 11 माह पूरा करने के बाद नगर निकाय को अवधि विस्तार का अधिकार दिया गया था एव नगर विकास एवं आवास विभाग के नियमो के अनुसार साथ ही न्यूनतम वार्षिक संग्रह तीस लाख रुपए प्रस्तावित था, और यदि इससे कम संग्रह किया जाता है तो तो नियुक्त व्यक्ति को हटाते हुए उसे कार्य पर दुबारा नहीं रखा जा सकेगा।

बहाली के लिए आवश्यक आहर्ता विभाग के नियमानुसार स्नातक (वाणिज्य),स्नातक (विज्ञान) होगी एव उच्चतर शैक्षणिक योग्यता वाले अभ्यर्थियों को 20 प्रतिशत बहाली में प्राथमिकता दी जायेगी और एक अभ्यर्थी ऑनलाइन के माध्यम से जिले के एक ही नगर निकाय में आवेदन कर सकते हैं।यह सूचना समाचार पत्रों के माध्यम से विज्ञापन के द्वारा दी जानी तय की गई है।
वहीं जानकारी देते हुए नवनियुक्त कार्यपालक पदाधिकारी रामबिलास दास ने बताया कि पूर्व में बहाल किये गए दोनो टैक्स संग्रहक की बहाली नियमो को ताक पर रखकर गोपनीय तरीके से की गई है।जिसकी जांच की गई और कमिटी के साथ बैठक कर दोनो टैक्स संग्रहक की बहाली को रद्द कर दिया गया है एव सम्बंधित विभाग को भी पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी गई है।