किशनगंज :प्रथम चरण में 3928 हेल्थ वर्करों का टीकाकरण पूरा

  • विशेष अभियान के तहत प्रथम दिन कुल 18 सत्रों में 845 स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया गया
  • दूसरे चरण में फ्रंटलाइन वर्कर के टीकाकरण की तैयारी जारी

किशनगंज /प्रतिनिधि

जिले में टीकाकरण को लेकर विशेष अभियान के तहत प्रथम दिन सोमवार को कुल 18 सत्रों में 845 स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोर्टल पर पंजीकृत जिले के स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण इन्हीं सत्र स्थलों के माध्यम से किया जा रहा है। बताते चले कि कोरोना महामारी को मात देने के लिए कोविशील्ड एवम् कोवैक्सीन टीके का उपयोग देश में किया जा रहा है। जिले में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोविशील्ड वैक्सीन की प्रथम खुराक पहले चरण के लिए पंजीकृत लाभार्थियों को दी जा रही है। पहले चरण के पंजीकृत 8134 स्वास्थ्य कर्मियों में अभी तक 3928 लोगो का टीकाकरण किया जा चुका है। सभी सरकारी एवं अन्य निजी संस्थानों के हेल्थ वर्करों का टीका दिया जा रहा है। टीका लगने के 28 दिन बाद दूसरे डोज का टीका दिया जाएगा। उसके 15 दिन के बाद तक यानी सभी लोगों पर 45 दिन तक निगरानी की जाएगी। तब तक उन्हें मास्क, सेनेटाईजर का उपयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा।






टीकाकरण से लोगों में आत्मविश्वास जागा

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. रफत हुसैन ने बताया पहले चरण में सदर अस्पताल के 1097, सामुदायिक अस्पताल बहादुरगंज के 730 , सामुदायिक अस्पताल पोठिया के 1008 ,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठाकुरगंज के 955 , माता गुजरी मेडिकल कॉलेज के 1850, सामुदायिक अस्पताल कोचाधामन के 941, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टेढ़ागाछ के 486 , सामुदायिक अस्पताल दिघलबैंक के 621 एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किशनगंज के 446 स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता का टीकाकरण होना है। उन्होंने बताया टीकाकरण से लोगों में आत्मविश्वास जागा है। भ्रामक बातों में न आकर टीकाकरण के लिए एक दूसरे का मनोबल बढ़ाया जाना चाहिए। जिसका नाम पहले से दर्ज है वह अपने निकटतम केंद्र पर जाकर अपना टीका जरूर लें । साथ ही जो स्वास्थ्य कर्मी जिनका नाम कोविन पोर्टल पर दर्ज नहीं है अगर वह टीकाकरण कराना चाहते हैं तो उनके लिए भी अवसर उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में केवल स्वास्थ्य विभाग एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता को ही कोरोना का टीका दिया जा रहा है। टीका लेने वाले सदर अस्पताल सहित जिले के सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के अलावा सफाई कर्मचारियों ने इसे पूरी तरह से सुरक्षित बताया है। उन्होंने कहा लोगों को किसी अफवाह में ना पड़ते हुए अपने एवं परिवार के लिए टीका अवश्य लेना चाहिए| यह पूरी तरह सुरक्षित है। जितने भी लाभार्थी टीकाकृत हुए है, वह सभी कम से कम आधा घंटा के बाद से ही अपने दैनिक सकुशल वापस हो गए है। उन्होंने आम लोगों को संदेश देते हुए कहा कि टीका पूरी तरह से सुरक्षित है।






कोविड-19 वैक्सीन लेने वाले सभी स्वास्थ्य कर्मी स्वस्थ और सुरक्षित है : सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने बताया वैश्विक महामारी कोरोना काल से उबरने के लिए यह टीका बहुत ही कारगर साबित हो रहा है। उन्होंने कहा जिन लोगों ने वैक्सीन लगवाई है उन पर आधे घंटे तक नजर रखी जा रही, अभी तक टीकाकृत लाभार्थी को कोई साइडइफेक्ट नहीं हुआ है और ना ही किसी को कोई दूसरी समस्या उत्पन्न हई है। टीकाकरण के बाद सभी पर निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए सभी टीकाकरण केंद्रों पर चिकित्सक व एम्बुलेंस की प्रतिनियुक्ति की गई है। टीकाकरण के दौरान जो भी एहतियात बरतनी है सभी बरती जा रही है। किसी को कोई दूसरी समस्या उत्पन्न ना हो, इस बात की निगरानी रखी जा रही है।

जिले में कुल 8134 लक्ष्य के विरूद्ध 3928 का हुआ टीकाकरण:.

जिले में सदर अस्पताल में 1097 के लक्ष्य के विरुद्ध 480 , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ठाकुरगंज में 955 के लक्ष्य के विरुद्ध 627, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बहादुरगंज में 730 के लक्ष्य के विरुद्ध 423, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पोठिया में 1008 के लक्ष्य के विरुद्ध 449, माता गुजरी मेडिकल कॉलेज ,किशनगंज में 1850 लक्ष्य के विरुद्ध 988, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टेढ़ागाछ में 486 के लक्ष्य के विरुद्ध 240, सामुदायिक अस्पताल दिघलबैंक में 621 के लक्ष्य के विरुद्ध 291, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किशनगंज में 446 लक्ष्य के विरुद्ध 120, सामुदायिक अस्पताल कोचाधामन में 941 लक्ष्य के विरुद्ध 250 लोगों को टीके लगाए गए है। प्रत्येक टीकाकरण स्थलों पर 5 फरवरी तक प्रथम चरण के सभी लाभार्थियों का वैक्सीनेशन हो जाए इसलिए विशेष अभियान चलाकर में दो सत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया जा रहा है। इसके लिए टीकाकरण केंद्र में वेटिंग रूम, रजिस्ट्रेशन रूम, वैक्सिनेशन रूम व ऑब्ज़र्वेशन रूम भी बनाया गया है। टीकाकरण के बाद सभी को आधे घंटे के लिए ऑब्ज़र्वेशन रूम में रखा जा रहा हैं ताकि कोई परेशानी हो तो इसका उपचार स्थानीय स्तर पर जल्द से जल्द किया जा सके।

दूसरे चरण में फ्रंटलाइन वर्कर को लगेगा टीका

दूसरे चरण में फ्रंटलाइन वर्करों का टीकाकरण किया जाएगा। फ्रंटलाइन वर्कर में वह टीम है, जो कोरोना संक्रमितों के इलाज, नियंत्रण व प्रतिरक्षण से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ी रही है। फ्रंटलाइन वर्कर की सूची तैयार करने की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है। हर विभाग से कर्मचारियों का ब्योरा मांगा गया है। कर्मचारियों की सूचना कोविन पोर्टल पर अपलोड की जा रही है।






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