किशनगंज :नेपाल प्रहरी के बदले रूप को देखकर सीमा क्षेत्र के लोग हैरान ।एसएसबी है अलर्ट मोड पर

किशनगंज/दिघलबैंक/संवादाता

सदियों से भारत और पड़ोसी देश नेपाल के साथ रोटी बेटी का संबंध रहा है, पर पिछले 4 महीने में कोरोना को लेकर दोनों तरफ से जारी लॉकडाउन के बाद दोनों तरफ से रिश्तों में भी दरार आयीं हैं। जो बात किसी से अछूते नहीं है। भारत नेपाल सीमा की सुरक्षा के लिए 2001 में एसएसबी जवानों की तैनाती के करीब 19 वर्षों से एसएसबी के जवान सीमा पर तैनात होकर असमाजिक तत्वों, तस्करी, घुसपैठ आदि को रोकने के लिए जवान निगहबानी कर रही है।

इससे दोनों तरफ से आम जनजीवन को कोई परेशानी नहीं हुए। वर्तमान में वैश्विक महामारी को लेकर पूरे भारतवर्ष सहित पड़ोसी देश नेपाल में भी लॉकडाउन लगा है, लॉकडाउन के शुरुआत से ही नेपाल ने भी सीमा पर सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) जवानों की तैनाती की दी है।

दोनों देशों के बीच रहन सहन भेष भाषा,भूगोल आदि में अधिक अंतर नहीं होकर केवल दो देशों का अंतर मात्र के कारण सीमावर्ती क्षेत्र के किसान दोनों ओर खेती कार्य भी करते आ रहें हैं। लॉकडाउन के बाद सीमा पूर्ण रूप से सील हो जाने से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ गयी।

किसान सीमा पार खेत पर लगे फसल को देखने जाने या फिर फसल तोड़ने जाने या फिर खुली सीमा के दस गज पर मवेशी बांधने मात्र की बात पर भारतीय क्षेत्र के किसानों के साथ कहा सुनी फिर नेपाल एपीएफ की तरफ से जबाबी कार्यवाही में हवाई फायर कर नेपाली प्रहरी ने कई बार दुरसाहस कर चुका है।

बीते शनिवार की देर शाम जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के पीलर संख्या 152 के समीप माफिया टोला गांव के समीप नेपाल एपीएफ के जवानों ने मवेशी लाने गए एक किसान पर चार रॉउंड फायरिंग कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। जिसके बाद फिर एक बार सीमा पर तनाव बढ़ गया है। जिसको लकेर एसएसबी जवानों पहले से अर्ल्ड हो गयी है।

सीमा पर किसी भी तरफ का कोई विवाद ना हो सीमावर्ती क्षेत्र के सभी पशुपालकों किसानों को बॉडर पर पालतू मवेशीयों को नहीं बांधने एवं सभी से बॉडर पर लॉकडाउन नियमों का सख्ती से पालन करने के साथ दिन रात सीमा पर निगहबानी कर रहें हैं।

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