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  • विशेष :होलिका दहन का महत्व ,पूजा विधि और राशि अनुसार उपाय जानिए …

    होलिका दहन के शुभ मुहूर्त से लेकर महत्व, पूजा विधि और उपाय

    होलिका दहन इस बार 28 मार्च रविवार को है और अगले दिन 29 मार्च सोमवार को होली का त्योहार. अच्छी बात ये है कि होलिका दहन पर इस बार भद्रा का साया नहीं होगा। होलिका दहन की पूजा विधि और किस राशि वालों को अग्नि में क्या डालना चाहिए

    शाम में 6.37 से 8.56 बजे तक है होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

    सर्वार्थ सिद्धि से लेकर अमृत सिद्धि तक, बन रहे हैं कई शुभ योग

    होलिका दहन पर राशि अनुसार जानें अग्नि में क्या डालने से होगा लाभ

    प्रदीप कुमार श्रीवास्तव

    भक्त प्रहलाद, हरिण्यकश्यप और उनकी बहन होलिका से जुड़ी होलिका दहन की पौराणिक कथा (Holika Dahan Story) तो हम सभी जानते हैं. यही कारण है कि होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत से जोड़कर देखा जाता है। होलिका दहन का त्योहार इस बार 28 मार्च रविवार को है और उसके अगले दिन 29 मार्च सोमवार को होली का त्योहार (Holi Festival) मनाया जाएगा जिसे धुलेंडी भी कहा जाता है. होलिका दहन का शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat) क्या है, दहन से पहले कैसे करें पूजा, किस राशि वालों को होलिका की अग्नि में क्या अर्पित करना चाहिए।

    होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
    होलिका दहन का मुहूर्त- 28 मार्च रविवार को शाम में 6.37 बजे लेकर रात में 8.56 बजे तक
    शुभ मुहूर्त का कुल समय- 2 घंटे 20 मिनट
    इसी मुहूर्त में होलिका दहन करना अत्यंत शुभ होगा और इस साल होलिका दहन के समय भद्रा (No bhadra during Holika dahan) नहीं रहेगी. रविवार दिन में 1.33 बजे भद्रा समाप्त हो जाएगी, साथ ही पूर्णिमा तिथि रविवार रात में 12:40 बजे तक रहेगी. शास्त्रों की मानें तो भद्रा रहित पूर्णिमा तिथि में ही होलिका दहन किया जाता है।

    होलिका दहन पर बन रहे शुभ योग
    अभिजीत मुहूर्त- 28 मार्च दोपहर 12.07 मिनट से 12.56 तक
    अमृत काल- 28 मार्च को सुबह 11.04 मिनट से दोपहर में 12.31 मिनट तक
    सर्वार्थसिद्धि योग- 28 मार्च को सुबह 6.26 से शाम 5.36 तक
    अमृतसिद्धि योग- 28 मार्च को सुबह 5.36 बजे से 29 मार्च की सुबह 6.25 मिनट तक

    होलिका दहन पूजा विधि

    होलिका दहन से पहले उसकी पूजा की जाती है। पूजन सामग्री में एक लोटा गंगाजल, रोली, माला, अक्षत, धूप या अगरबत्ती, पुष्प, गुड़, कच्चे सूत का धागा, साबूत हल्दी, मूंग, बताशे, नारियल एवं नई फसल के अनाज गेंहू की बालियां, पके चने आदि होते हैं। इसके बाद पूरी श्रद्धा से होली के चारों और परिक्रमा करते हुए कच्चे सूत के धागे को लपेटा जाता है। होलिका की परिक्रमा तीन या सात बार की जाती है। इसके बाद शुद्ध जल सहित अन्य पूजा सामग्रियों को होलिका को अर्पित किया जाता है। इसके बाद होलिका में कच्चे आम, नारियल, सात अनाज, चीनी के खिलौने, नई फसल इत्यादि की आहुति दी जाती है।

    राशि अनुसार जानें होलिका की अग्नि में क्या डालें।


    मेष- होलिका दहन में गुड़ की आहुति दें. ऐसा करने से मानसिक परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।
    वृष- इस राशि के लोग चीनी से आहुति दें. बाधाएं दूर होंगी।
    मिथुन- अपामार्ग और गेंहू की बाली से हालिका दहन करें और कपूर से आहुति दें।
    कर्क-लोहबान से होलिका दहन में आहुति दें. नौकरी और करियर से जुड़ा शुभ सामाचार मिलेगा।
    सिंह- गुड़ की आहुति देकर पितरों को जरूर याद करें, व्यापार से जुड़ी परेशानियां दूर होंगी।
    कन्या- कपूर की आहुति दें. कार्यक्षेत्र में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी।
    तुला- गूलर की लकड़ी जलाएं और कपूर की आहुति दें. जीवन की परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।
    वृश्चिक- होलिका दहन में गुड़ की आहुति दें. लाभ होगा।
    धनु- होलिका दहन में जौ व चना की आहुति दें. साथ में भगवान विष्णु की पूजा भी करें।
    मकर- होलिका दहन शमी की लकड़ी से करें और तिल की आहुति दें. आपके जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होंगी।
    कुंभ- शमी की लकड़ी से होलिका दहन करें और तिल की आहुति दें।
    मीन- होलिका दहन में जौ व चना की आहुति दें. इसके बाद पितरों का आभार व्यक्त करें. स्वास्थ्य संबंधी परेशानी दूर हो जाएगी।

  • विशेष :होलिका दहन करने का शुभ समय, इस दिन गलती से भी न करें ये काम

    होलिका दहन की रात बहुत से लोग टोने-टोटके भी करते हैं यही कारण है कि होलिका दहन के दिन हर व्यक्ति को, कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखने की सख्त हिदायत दी जाती है ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

    होलिका दहन के दिन भूल से भी न करें ये काम
    होलिका दहन पर कुछ काम न करने की दी जाती है हिदायत

    कानपुर /श्री प्रदीप श्रीवास्तव

    हिंदू पंचांग (Panchang) के अनुसार फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि को हर साल होलिका दहन (Holika Dahan) का त्योहार मनाया जाता है और इस बार होलिका दहन 28 मार्च यानी आज रविवार को है. धर्म शास्त्रों के जानकारों की मानें तो होलिका दहन के दिन होली की पूजा करने से महालक्ष्मी (Goddess Lakshmi) प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है. हालांकि होलिका दहन की रात बहुत से लोग टोने-टोटके (Totka) भी करते हैं जिसकी वजह से कुछ ऐसे काम हैं जो आपको इस दिन बिल्कुल नहीं करने चाहिए वरना इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

    होलिका दहन किस समय करना चाहिए?


    पंचांग के अनुसार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 28 मार्च रविवार की शाम को 6 बजकर 37 मिनट से लेकर रात में 8 बजकर 56 मिनट तक रहेगा यानी करीब 2 घंटे 20 मिनट का समय. इसी मुहूर्त में होलिका दहन करना अत्यंत शुभ होगा. इस साल होलिका दहन के समय भद्रा का साया (Bhadra) भी नहीं होगा. भद्रा रविवार को दिन में 1 बजकर 33 मिनट पर समाप्त हो जाएगी।

    होलिका दहन के दिन कौन से काम नहीं करने चाहिए।

    1. होलिका दहन के दिन भूलकर भी, सफेद रंग की चीजें खाने पीने से बचना चाहिए (Avoid white color foods). ऐसी मान्यता है कि इस दिन नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव अधिक रहता है इसलिए सफेद खाद्य पदार्थों का सेवन न इस दिन न करें।
    2. होलिका दहन की पूजा करते समय अपना सिर ढक कर ही पूजा करें (Keep your head covered). पुरुष चाहें तो टोपी लगा सकते हैं और महिलाएं साड़ी के पल्लू या दुपट्टे से अपना सिर ढंक सकती हैं।
    3. जिन महिलाओं की नई-नई शादी हुई हो उन्हें होलिका दहन नहीं देखना चाहिए। इसके अलावा होलिका दहन के दिन कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य (Avoid auspicious work) नहीं करना चाहिए।
    4. होलिका दहन की रात जहां तक संभव हो किसी सुनसान या सन्नाटे वाली जगह पर अकेले न जाएं।
    5. होलिका दहन के दिन दूसरों से लड़ाई-झगड़ा, वाद-विवाद या दूसरों का अपमान करने से बचें. ऐसा करने से घर में अशांति बनी रहती है।
    6. होलिका दहन वाले दिन न तो किसी को उधार पैसे दें और ना ही किसी से उधार पैसे लें. ऐसा करने से भी मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं और धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
  • विशेष :घर की निगेटिविटी दूर करने के साथ ही हर तरह के दोष दूर करती है होलिका दहन की राख

    होलिका दहन की राख के उपाय

    होलिका दहन हो जाने के बाद उसकी बुझी हुई राख जिसे भस्म भी कहा जाता है को घर लाना आपके लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है. यह राख आपके जीवन के सभी संकटों को दूर कर सकती है।

    खास बातें
    होलिका दहन की राख को घर लाने के हैं कई फायदे
    घर की नकारात्मकता दूर करने में मदद करेगी यह राख
    ग्रह दोष के साथ ही वास्तु दोष भी दूर करेगी होलिका दहन की राख

    कानपुर /श्री प्रदीप श्रीवास्तव

    आज यानी 28 मार्च रविवार को फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि है और इसी दिन शाम के समय होलिका दहन (Holika Dahan) किया जाएगा. अगले दिन सोमवार 29 मार्च को चैत्र महीने की प्रतिपदा तिथि पर होली का त्योहार (Festival of colors Holi) मनाया जाएगा जिसे धुलेंडी भी कहा जाता है. होलिका दहन के साथ ही होलाष्टक भी समाप्त हो जाएगा (Holashtak will end). होलिका दहन और होली इन दोनों ही त्योहार का धार्मिक महत्व तो है ही, साथ ही ज्योतिष के लिहाज से भी इस दिन को काफी खास माना गया है. होलिका दहन की राख किस तरह से आपकी परेशानियां दूर कर सकती हैं।

    होलिका दहन की राख से होने वाले ढेरों फायदे

    1. घर की निगेटिविटी होगी दूर- ऐसी मान्यता है कि होलिका दहन की राख (Holika Dahan Raakh) को घर लाएं और उसमें राई और नमक मिलाकर उसे किसी साफ बर्तन में डालकर घर के किसी शुद्ध स्थान पर रख दें, ऐसा करने से घर की निगेटिव ऊर्जा (Negative Energy) खत्म हो जाएगी और बुरा वक्त भी दूर हो जाएगा।
    2. ग्रह दोष से मिलेगा छुटकारा- शास्त्रों में होलिका दहन की राख या भस्म को काफी शुभ माना जाता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रह दोष (Grah Dosh) हो तो उन्हें होलिका दहन की राख को पानी में मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए।
    3. भाग्य उदय होता है- चूंकि होलिका दहन की राख को शुभ माना जाता है इसलिए इसे अपने माथे पर लगाने से भाग्य का उदय होता है और बुद्धि भी बढ़ती है।
    4. वास्तु दोष होगा दूर- घर में अगर वास्तु दोष (Vastu Dosh) हो, परिवार के सदस्यों के बीच लड़ाई-झगड़ा या कलह होता है या किसी तरह की आर्थिक बाधा आ रही हो तो होलिका की राख को लाकर घर में छिड़क देना चाहिए. इससे भी घर की निगेटिविटी और बाकी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं।