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  • बिहार :अक्षय ऊर्जा के विस्तार से सशक्त बनेगा बिहार

    डीआरई से अर्थव्यवस्था में 36,738 करोड़ के निवेश और 1.71 लाख नए रोज़गार का अवसर
    सीड की रिपोर्ट के अनुसार कोविड युग में विकेन्द्रीकृत अक्षय ऊर्जा के विस्तार से सशक्त बनेगा बिहार

    पटना /प्रतिनिधि

    सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) ने बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) के सहयोग से पटना में आयोजित स्टेकहोल्डर्स कॉन्फ़्रेंस में एक रिपोर्ट “एम्पॉवरिंग बिहार थ्रू डीआरई इन द पोस्ट-कोविड वर्ल्ड” का विमोचन किया। बिहार में कोविड महामारी के दुष्प्रभावों और ‘रिवर्स माइग्रेशन’ की वजह से जूझ रही अर्थव्यवस्था में आर्थिक रफ़्तार तेज करना और नए रोजगार सृजन की व्यवस्था करना बड़ी चुनौतियां हैं। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए और इनके समाधान में राज्य सरकार के प्रयासों को मजबूती देने के उद्देश्य से सीड ने यह डेवलपमेंट रोडमैप रिपोर्ट तैयार की है, जो राज्य की विकास नीतियों के केंद्र में विकेन्द्रीकृत अक्षय ऊर्जा (डीसेंट्रलाइज्ड रिन्यूएबल एनर्जी – डीआरई) समाधानों को रखने पर जोर देता है।

    डीआरई अर्थव्यवस्था के प्रमुख सेक्टर्स का पुनरुद्धार करते हुए सभी कार्यक्रमों एवं योजनाओं को बेहतर करने और लोगों तक इसके लाभ पहुँचाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सीड द्वारा तैयार अपनी तरह की पहली इस रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि अकेले डीआरई बिहार की अर्थव्यवस्था की प्रमुख समस्याओं का समाधान कर सकता है, जैसे राज्य के डीआरई क्षेत्र में 36,738 करोड़ के निवेश की सम्भावना है और यह 1,71,210 नए रोजगार पैदा कर सकता है।

    रिपोर्ट का यह भी आकलन है कि डीआरई सेक्टर में 3948 मेगावाट की सम्भावना है, जहां दस प्रमुख सरकारी विभाग (जैसे ऊर्जा, कृषि, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, जल संसाधन, उद्योग, शिक्षा, नगर विकास, सार्वजनिक कार्य, पथ निर्माण एवं परिवहन आदि) कुल डीआरई सम्भावना के 95% हिस्से को पूरा करने में योगदान कर सकते हैं। इसके अलावा डीआरई समाधानों से जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को भी कम किया जा सकता है, जैसे यह राज्य में 73,10, 636 टन सालाना कार्बन उत्सर्जन बचा सकता है और पर्यावरण संबंधी कई फायदे ला सकता है।

    कॉन्फ़्रेंस में रिपोर्ट की महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तार से बताते हुए श्री अश्विनी अशोक, हेड-रिन्यूएबल एनर्जी, सीड ने कहा कि “यह रिपोर्ट स्पष्ट रूप से संकेत करती है कि अकेले डीआरई आर्थिक विकास में तेजी लाकर और स्थानीय स्तर पर नई नौकरियों का सृजन करके धीमी अर्थव्यवस्था और श्रमिकों के पलायन जैसी समस्याओं का प्रभावी ढंग से समाधान कर सकता है। अगर राज्य सरकार तत्काल नीतिगत स्तर पर सभी कार्यक्रमों और योजनाओं में डीआरई ऍप्लिकेशन्स को शामिल करती है तो इससे विभागों के कामों एवं परिणामों में बेहतर सुधार देखने को मिलेगा। बिहार को सशक्त बनाने के लिए डीआरई मिशन की शुरुआत करना बेहद जरूरी कदम होना चाहिए, ताकि विभिन्न विभागों के बीच एक स्पष्ट विजन के साथ कन्वर्जेन्स हो और इसी अनुरुप कार्यक्रमों के नीति-निर्माण से लेकर उनका बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी हो सके। रिपोर्ट इस बात पर खास जोर देती है कि राज्य की समग्र विकास रणनीतियों में डीआरई को केंद्रबिंदु बनाया जाए, ताकि अर्थव्यवस्था को मज़बूत किया जा सके और इसे सततशील विकास के पथ पर अग्रसर किया जा सके।”

    बिहार जैसे विकासशील राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उपलब्धता के जरिए लोगों की आर्थिक-सामाजिक ज़िंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए डीआरई बेहद प्रासंगिक है। बिहार सरकार ने इस दिशा में कई सराहनीय प्रयास किये हैं, जिसमें ‘जल, जीवन हरियाली मिशन’, ‘हर गाँव में सोलर लाइट’ और ‘ग्रीन बजट’ की पहल शामिल है, जिनसे ग्रामीण इलाकों में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। हालांकि कोविड महामारी के व्यापक असर को देखते हुए डीआरई ऍप्लिकेशन्स का राज्यव्यापी विस्तार बेहद आवश्यक है, जिससे आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।

    इस अवसर पर बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) के वाईस प्रेसिडेंट श्री संजय भरतिया ने कहा, “यह रिपोर्ट बिलकुल ठीक समय में आई है, जब राज्य की अर्थव्यवस्था कोविड-19 की चुनौतियों से संघर्ष कर रही है और यह राज्य में विकास की बेहतर दशा और दिशा तय करने के लिए डीआरई समाधानों के राज्यव्यापी विस्तार को रेखांकित करती है। इस सन्दर्भ में राज्य सरकार को एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना चाहिए, जहाँ नए उद्यमियों को समुचित वित्त पोषण मिले और नवोन्मेष तकनीक तक उनकी पहुँच आसान हो, साथ ही सभी निवेशकों और डीआरई डेवलपर्स को एक समान अवसर और जरूरी सहूलियत मिले। हम राज्य सरकार से आग्रह करते हैं कि वे स्थानीय स्तर पर सोलर मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री और सहायक इकाइयों की स्थापना को समुचित उचित प्रोत्साहन देने के लिए एक समर्थनकारी परिवेश निर्मित करे। एक स्पष्ट विजन पर आधारित सभी स्टेकहोल्डर्स के क्षमता निर्माण और जनजागरूकता कार्यक्रम के जरिए बिहार में आर्थिक समृद्धि लाई जा सकती है।”

    कॉन्फ़्रेंस में इस बात पर सर्वसम्मति बनी कि राज्य सरकार की नीतियों के केंद्र में डीआरई को रखा जाना चाहिए। डीआरई आधारित नीतियां आर्थिक समृद्धि को सुनिश्चित करेंगी और लोगों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में ऊर्जा एवं आजीविका सुरक्षा के जरिये बेहतर बदलाव लाएंगी। शक्ति सस्टेनेबल एनर्जी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में श्री शुभेंदु गोस्वामी, हस्क पावर सिस्टम; श्री राकेश प्रताप, एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड; श्री अनूप अग्रवाल, दुदवा पावर लिमिटेड; श्री अमित आनंद, क्लारो एनर्जी; श्रीमती उषा झा, अध्यक्ष, बिहार महिला उद्योग संघ; श्री धीरज सिंह, जैन इरीगेशन; श्रीमती इंदु अग्रवाल, बिहार महिला उद्योग संघ; श्रीमती रेखा कुमारी, कौशल्या फाउंडेशन सहित प्रमुख सरकारी विभागों कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, लोक निर्माण और ग्रामीण विकास के प्रतिनिधि मौजूद थे। इसके अलावा कार्यक्रम में डीआरई डेवलपर्स, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स, उद्योग-व्यवसाय जगत, थिंक-टैंक, शिक्षाविद और सिविल सोसाइटी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

  • नक्सलबाड़ी :दो दिवसीय शिव धर्म सम्मेलन हुआ संपन्न ,वक्ताओं ने कहा सनातन धर्मावलंबी सभी धर्मो का करते हैं सम्मान

    खोरीबाड़ी /चंदन मंडल

    नक्सलबाड़ी प्रखंड के मनीराम ग्राम पंचायत अन्तर्गत कलुआजोत में आयोजित दो दिवसीय शिव धर्म सम्मेलन का संपन्न हो गया .इस दिन शिव धर्म सम्मेलन के समापन के मौके पर आसाम व कूचबिहार से श्रद्धालु पहुंचे. मौके पर धर्म सम्मेलन में मौजूद महात्मा ने कहा कि हिंदू समाज को जगाकर एक शक्ति बनना चाहिए. हिदू एकजुट होंगे तभी देश मजबूत होगा. हिदू सनातन धर्म को माननेवाले सभी धर्मों का आदर व सम्मान करते हैं.






    लेकिन यदि कोई हिदू धर्म का अपमान करेगा तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हिदू किसी का भी धर्मांतरण नहीं कराते हैं. सभी को अपने हिसाब से धर्म को मानने की स्वतंत्रता होनी चाहिए.कोई भी यदि प्रलोभन देकर या किसी भी प्रकार से धर्मातरण कराता है तो वह पाप का कार्य करता है. वहीं विधुत दास ने कहा हर वर्ष माघी पूर्णिमा के अवसर पर शिव धर्म सम्मेलन का आयोजन किया जाता है.इस वर्ष भी माघी पूर्णिमा के अवसर पर शिव धर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया था.मौके पर समाजसेवी विधुत दास, सोनी साइवो समेत अन्य उपस्थित थे.






  • प्रयागराज :गंगा को बचाने के लिए भगीरथ से भी करना होगा अधिक परिश्रम -श्री मोहन भागवत

    उत्तर प्रदेश/प्रयागराज

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि गंगा भारत की संस्कृति की जीवन रेखा है। इसे हर हाल में बचाना होगा।उन्होने कहा जो प्रयास भगीरथ को इस धरती पर गंगा को लाने के लिए करना पड़ा था, उससे अधिक परिश्रम कार्यकर्ताओं को गंगा एवं उससे जुड़ी नदियों को बचाने के लिए करना होगा। क्योंकि यह काम भारत की अंतरात्मा से जुड़ा हुआ है।

    डॉ. भागवत संघ की सामाजिक गतिविधि गंगा समग्र के माघ मेला के विश्व हिंदू परिषद शिविर में आयोजित पहले कार्यकर्ता संगम को आज संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि निर्मल-अविरल गंगा अभियान को आगे बढ़ाने के लिए विकास और पर्यावरण दोनों का समान रूप से ध्यान रखना होगा। दोनों में संतुलन बनाने की जरूरत है। गंगा समग्र के आंकड़े कह रहे हैं कि अभी बहुत प्रयास बाकी है। नियमित नित्य कार्य करके लक्ष्य तक पहुंचना, टीम खड़ी करना, अविरल एवं निर्मल गंगा के लिए समाज को सजग करना, हानि-लाभ से ऊपर उठकर प्रबोधन करना पड़ेगा। इस कार्य में अन्य संगठन भी लगे हुए हैं, उनको भी साथ लेकर चलने की जरूरत है। यह काम कठिन जरूर है लेकिन असंभव नहीं है। इसलिए कार्यकर्ता बिना विचलित हुए अपने अभियान में जुटे रहे।






    संघ प्रमुख श्री भागवत ने गंगोत्री से गंगासागर तक गंगा के दोनों तरफ पांच-पांच किलोमीटर के क्षेत्र को गंगा समग्र से जोड़ा। कहा कि गंगा समग्र गांवों एवं शहरों में नित्य कार्यक्रम चलाने होंगे। तटवर्ती गांव में प्रतिदिन सुबह-शाम गंगा आरती करनी होगी। आरती से भक्ति और भक्ति से स्वच्छता का भाव आता है जो गंगा को स्वच्छ रखने के लिए आवश्यक है। गंगा के प्रति समाज में पहले से भक्ति है, उसे और प्रगाढ़ करना होगा। तीर्थ पुरोहितों को कर्मकांड का प्रशिक्षण, घाटों की स्वच्छता, वृहद वृक्षारोपण, तालाबों में जल संचय कर उनको पुनर्जीवन देने से संभव हो पाएगा। इस काम के लिए उन्होंने संतों का आशीर्वाद प्राप्त करने का भी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया। 
    संघ प्रमुख ने कहा कि निर्मल अविरल गंगा के लिए समाज को साथ लेना होगा। समाज सजग हो गया तो आधा काम अपने आप पूरा हो जाएगा। शेष काम जिनसे करवाना है वो भी समाज से आते हैं। समाज जागरूक हो गया तो शेष काम पूरा होने में कठिनाई नहीं होगी। इसके लिए सरकार पर निर्भर नहीं होना चाहिए।उन्होंने कहा  स्वयं जनता को इसको अपने हाथों में लेना पड़ेगा।






    इस काम से हमें क्या मिलेगा या मेरा क्या होगा, इस पर विचार करने की आवश्यकता नहीं है। सभी आयामों की मजबूत टीम बनाकर केंद्र एवं राज्य स्तर पर उनको विधिवत प्रशिक्षित कर इस काम को आगे बढ़ाना होगा। इसके लिए उन्होंने विज्ञान और अध्यात्म दोनों के प्रयोग पर बल दिया ।
    इससे पहले उन्होंने संगम में स्नान किया और बड़े हनुमान जी की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद ग्रहण किया ।।

    इस कार्यक्रम में गंगा समग्र के केंद्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र जायसवाल भी उपस्थित थे। केंद्रीय महामंत्री डॉ. आशीष गौतम ने गंगा समग्र की संपूर्ण भूमिका रखी। कार्यक्रम में संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती, राष्ट्रीय संगठन मंत्री मिथिलेश, क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रांत प्रचारक रमेश, कोषाध्यक्ष ललित, काशी प्रांत संघचालक डॉ. विश्वनाथ लाल निगम, आलोक मालवीय, क्षेत्र संयोजक चिंतामणि सिंह, सह प्रांत संयोजक राकेश मिश्रा, प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. मुरारजी त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।






  • पटना :कोरोना काल में बिहार आपूर्ति सेवा संघ ने सराहनीय काम किया – लेसी सिंह

    बिहार के सभी प्रखंडो में एक पृथक आपूर्ति भवन बनाया जाए:- आलोक कुमार सिन्हा ( बिहार आपूर्ति सेवा संघ ,महामंत्री)

    पटना /संजीव तिवारी

    बिहार आपूर्ति सेवा संघ का अष्टम सम्मेलन का आयोजन पटना सिटी स्थित अवध ग्रीन्स में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय मंत्री खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण बिहार श्रीमति लेसी सिंह शामिल हुई। सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए मंत्री लेसी सिंह में कहा की बिहार सरकार बिहार आपूर्ति सेवा संघ की सभी मांगों पर गभीरता से काम करेगी। कोरोना काल में जब प्रदेश संकट के दौर से गुजर रहा था उस वक्त बिहार आपूर्ति सेवा संघ के सदस्यों ने जमकर काम किया । और सभी लोंगों के लिए राशन को सुनिश्चित किया। मंत्री लेसी सिंह ने कहा संघ ने बिहार में राशन आपूर्ति के क्षेत्र में कालाबजारी को खत्म की हैं जो सराहनीय हैं।






    इस अवसर पर मंत्री ने संघ की स्मारिका का भी विमोचन किया। बिहार आपूर्ति सेवा संघ के महामंत्री आलोक कुमार सिन्हा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा की बिहार आपूर्ति सेवा संघ एक जिम्मेवार संगठन हैं। जो नियत समय पर सभी लोगों को सेवाए प्रदान करता हैं।हमारी मांग है की की बिहार के सभी प्रखंडों में एक पृथक आपूर्ति भवन बनाया जाए ।जिसमें प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी कार्यपालक सहायक आपूर्ति सहायकों के लिए अलग अलग कमरा के साथ लगभग 50 व्यक्तियों के साथ बैठक करने हेतु एक मीटिंग हॉल भी बनाया जाए। साथ ही कार्यालय के संचलन हेतु प्रति माह पांच हजार रुपये की दिया जाए। बिहार राज्य आपूर्ति संघ की अष्टम बैठक को सम्बोधित करते हुए बिहार आपूर्ति सेवा संघ के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सहनी ने कहा की बिहार आपूर्ति सेवा संघ बिहार में सभी जगह सुचारू रूप से अपनी सेवाएं प्रदान करता हैं। सभी नागरिकों को समय पर सेवाएं मिले इसके लिए आवश्यक है की पदाधिकारियों के लिए सरकार वाहन और आवास की व्यवस्था करे। साथ ही सदस्यों को नियत समय पर पदोन्नति दी जाए।






    कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय मंत्री लेसी सिंह ने दीप प्रज्वलित कर की। कार्यक्रम में बिहार आपूर्ति सेवा संघ के उपाध्यक्ष (राजेन्द्र कुमार, जटाशंकर, रजनीकांत, नन्द किशोर रविदास, ) कोषाध्यक्ष अंजनी कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त मंत्री( सुशील कुमार वर्मा, असलम हुसैन, मनोज कुमार, राजीव कुमार, प्रभाष प्रियदर्शी,) संगठन मंत्री राजन कुमार पांडेय, संरक्षक ब्रजेन्द्र मिश्र व अखिलेश कुमार मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शंकर मेहता ने की। इस अष्टम संम्मेलन में संगठन के सैकड़ों सदस्य मौजूद थे।






  • ब्रिटेन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जी-7 सम्मेलन में भाग लेने के लिए किया आमंत्रित

    डेस्क/न्यूज लेमनचूस

    ब्रिटेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है, जिसमें ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन विश्व के नेताओं से भविष्य को हरा-भरा, निष्पक्ष और समृद्ध बनाने की अपील करेंगे।






    बोरिस जॉनसन के ऑफिस से जारी बयान में कहा गया है कि ब्रिटेन के कॉर्निवॉल में 11 से 13 जून तक चलने वाले जी 7 शिखर सम्मेलन में विश्व के सात प्रमुख देशों के नेता कोरोना वायरस संकट और जलवायु परिवर्तन से उबरने की चुनौतियों को लेकर चर्चा करेंगे।

    भारत के अलावा, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को भी लगभग दो वर्षों में पहली बार जी 7 शिखर सम्मेलन में अतिथि देशों के रूप में आमंत्रित किया गया है। जॉनसन के ऑफिस से जारी बयान में कहा गया है, ” भारत पहले से ही दुनिया के 50 प्रतिशत से अधिक टीको की आपूर्ति करके “दुनिया की फार्मेसी’ के रूप में उभरा है।






    यूके और भारत ने महामारी के दौरान एक साथ मिलकर काम किया है। हमारे प्रधानमंत्री नियमित रूप से ऐसा बोलते हैं और प्रधानमंत्री जॉनसन ने कहा है कि वह जी 7 से पहले भारत का दौरा करेंगे।” 

  • दिल्ली : प्रवासी भारतीय सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया सबोधित कहा आज भारत एकजुट है और दुनिया में सबसे मजबूत और जीवंत डेमोक्रेसी भारत में ही है ।

    देश/डेस्क

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 16वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दुनिया भर के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों का मन मां भारती से जुड़ा हुआ है। उद्घाटन सत्र के दौरान सूरीनाम गणराज्य के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसोद संतोखी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

    पीएम मोदी ने कहा आप सभी साथियों को हर साल प्रवासी भारतीय सम्मान देने की परंपरा है। अटल बिहारी वाजपेयी जी के मार्गदर्शन में जो यात्रा शुरू हुई उसमें अभी तक 60 अलग-अलग देशों में रहे करीब 240 लोगों को ये सम्मान दिया गया है, इस बार भी इसकी घोषणा की जाएगी।

    पीएम मोदी ने कहा दुनियाभर से हजारों साथियों ने भारत को जानिए क्विज कॉम्पीटिशन में हिस्सा लिया है। ये संख्या बताती है कि जड़ से भले दूर हो जाएं, लेकिन नई पीढ़ी का जुड़ाव उतना ही बढ़ रहा है। इस क्विज के 15 विजेता भी आज इस वर्चुअल समारोह से जुड़े हुए है। मैं सभी विजेता को बधाई देता हूं ।उन्होने कहा कि बीता साल हम सभी के लिए बहुत चुनौतियों का साल रहा है, लेकिन इन चुनौतियों के बीच विश्वभर में फैले भारतीय मूल के साथियों ने जिस तरह काम किया है, अपना फर्ज निभाया है वो हम सभी के लिए गर्व की बात है। यही तो हमारी मिट्टी के संस्कार हैं ।

    पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने जो नई व्यवस्थाएं विकसित की हैं उनकी कोरोना की इस समय में वैश्विक संस्थाओं ने प्रशंशा की है। आधुनिक टेक्नोलॉजी ने गरीब से गरीब को मजबूत करने का जो अभियान आज भारत में चल रहा है उसकी चर्चा विश्व के हर कोने में है, हर स्तर पर है । उन्होंने कहा कि कोरोना काल में आज भारत दुनिया के सबसे कम मृत्यु दर और सबसे अधिक रिकवरी रेट वाले देशों में है। आज भारत एक नहीं, बल्कि दो मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन के साथ मानवता की सुरक्षा के लिए तैयार है ।

    पीएम मोदी ने कहा जब भारत आतंकवाद के सामने खड़ा हुआ तो दुनिया को भी इस चुनौती से लड़ने का नया साहस मिला। भारत आज भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए टेक्नोलॉजी का ज़्यादा इस्तेमाल कर रहा है। लाखों करोड़ों रुपये जो पहले गलत हाथों में पहुंच जाते थे वो आज सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचे रहे हैं ।

    पीएम ने कहा दुनियाभर में भारतीय समुदाय के साथ बेहतर कनेक्टिविटी के लिए रिश्ता नाम का नया पोर्टल शुरु किया गया है। इस पोर्टल से मुश्किल समय में अपने समुदाय से संपर्क करना, उन तक पहुंचना आसान होगा ।उन्होंने इस मौके पर सूरीनाम के राष्ट्रपति की प्रशंसा की है ।

  • देश :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वर्चुअल सम्मेलन में हिस्सा लिया ,अति महत्वपूर्ण चिल्हाटी -हल्दिया रेल लिंक का किया उद्घाटन

    चिल्हाटी -हल्दिया रेल लिंक उद्घाटन से बांग्लादेश और भारत आएंगे करीब ।

    देश /डेस्क

    गुरुवार को  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वर्चुअल सम्मेलन में हिस्सा लिया और इस दौरान दोनों देश और करीब आए इसके लिए आपसी सहयोग बढ़ाने के साथ साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की है ।

    श्री नरेन्द्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संयुक्त रूप से भारत और बांग्लादेश के बीच चिल्हाटी-हल्दीबाड़ी रेल लिंक का उद्घाटन किया।साथ ही दोनों ने  बंगबंधु-बापू डिजिटल एग्जीबिशन और शेख मुजीबुर रहमान पर एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया है ।

    प्रधान मंत्री श्री मोदी ने कहा कि विजय दिवस के तुरंत बाद आज की हमारी मुलाकात विशेष महत्व रखती है। श्री मोदी ने कहा एंटी-लिबरेशन ताकतों पर बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत को आपके साथ विजय दिवस के रूप में मनाना हमारे लिए गर्व की बात है ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा अगले वर्ष बांग्लादेश यात्रा के निमंत्रण के लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं।

    आपके साथ बंगबंधु को श्रद्धांजलि अर्पित करना मेरे लिए गर्व की बात होगी । श्री मोदी ने कहा कि  बांग्लादेश हमारी नेबरहुड फर्स्ट नीति का एक प्रमुख स्तंभ है। बांग्लादेश के साथ संबंधों मे मजबूती और गहराई लाना मेरे लिए पहले दिन से ही विशेष प्राथमिकता रही है ।

    साथ ही  प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश के वैक्सीन की जरूरतों को पूरा करने का भरोसा दिया एवं कहा कि वैक्सीन के क्षेत्र में हमारे बीच अच्छा सहयोग चल रहा है, इस सिलसिले में हम आपकी आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखेंगे ।वहीं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया के सबसे ज़्यादा प्रभावित और आबादी वाले ज़ोन में से एक में जिस तरह से आपकी सरकार ने कोरोना वायरस का सामना किया उसकी मैं सराहना करती हूं ।

    प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि हेल्थकेयर पैकेज से अलग, आत्मनिर्भर भारत के अंदर जो आर्थिक पैकेज शुरू किए गए वो प्रशंसनीय हैं । बता दे कि हल्दीबाड़ी और चिलहाटी रेल लाइन का उद्घाटन सामरिक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण है और बीते 5 दशकों के लंबे इंतजार के बाद हो रहा है ।

  • देश : छठे ब्रिक्स युवा शिखर सम्मेलन और ब्रिक्स मंत्रियों की बैठक को श्री किरेन रिजिजू ने किया संबोधित

    देश/डेस्क

    केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित छठे ब्रिक्स युवा शिखर सम्मेलन और ब्रिक्स मंत्रियों की बैठक में भाग लिया। इस अवसर पर श्री रिजिजू ने वर्तमान समय में जारी कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में दुनिया भर में युवाओं के योगदान के महत्व पर जोर दिया।

    विश्व मंच पर भारत का उदाहरण देते हुए, श्री रिजिजू ने कहा, “आज भी हमारी दुनिया की इस गंभीर वास्तविकता में, हमने देखा; जैसा कि दुनिया में अभी भी बाकी है, हमारे युवा, युवक और युवतियां अपने देश के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहे। सुरक्षा और सबसे महत्वपूर्ण बात, सभी बाधाओं के बावजूद हमारे युवा प्रगति और आशा के पथ पर आगे बढे हैं। अकेले भारत में, दस लाख से अधिक स्वयंसेवकों ने कोविड-19 के खतरे से निपटने के लिए सीधी कार्रवाई की है, और उसके बाद भी महामारी से निपटने में मदद की है।”

    श्री रिजिजू ने कहा कि नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), भारत स्काउट और गाइड के युवा स्वयंसेवक पूरे भारत में कोविड के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे रहे हैं। इन युवाओं ने नागरिक प्रशासन के साथ काम करते हुए, बुजुर्गों और गरीबों की कोविड का सामना करने में मदद करते रहे हैं। महामारी और कोविड रोगियों को रक्त और प्लाज्मा दान करने में इन युवाओं ने मुख्य भूमिका निभाई है। भारतीय स्वयंसेवकों की पहल की सभी ने काफी सराहना की।

    श्री रिजीजू ने शांति और विकास में ‘स्वेच्छाचारिता’ को आगे बढ़ाने और साझा करने के लिए सभी ब्रिक्स देशों की ताकत और समर्थन को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके बारे में श्री रिजिजू ने कहा, “वास्तव में हम ब्रिक्स राष्ट्रों के रूप में नए सिरे से प्रतिबद्धता के साथ मजबूती से खड़े हैं। स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा, संस्कृति, कला और व्यापार से भी परे, वैश्विक चुनौतियों और वैश्विक जरूरतों को पूरा करने के लिए, आम चुनौतियों के साथ हमारी ऊर्जा का कायाकल्प हुआ है। उन्होंने स्वयंसेवकों के विकास के लिए एक मजबूत बुनियादी ढांचा बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “ब्रिक्स राष्ट्रों के रूप में हमारे प्रयास महत्वपूर्ण साबित होंगे और हम इस महामारी से ज़रूर जीतेंगे।”


    अपना संबोधन समाप्त करते हुए श्री रिजिजू ने कहा, “भारत, समय-समय पर आयोजित ब्रिक्स नेताओं के सम्मेलन के दौरान हमारे प्रधानमंत्री द्वारा ब्रिक्स की निर्धारित प्रतिबद्धता और विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं फिर से विश्व शांति और सद्भाव और मानव जाति की सेवा में युवाओं की भागीदारी के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता हूं। ”

  • आसियान – भारत शिखर सम्मेलन को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया संबोधित

    देश /डेस्क

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्चुअली वियतनाम के प्रधानमंत्री न्गुयेन शुआन फुक के साथ 17 वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की। इस शिखर सम्मेलन में सभी दस आसियान सदस्य देशों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया।

    इस मौके पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत  और आसियान के बीच हर प्रकार की कनेक्टिविटी को बढ़ाना – शारीरिक, आर्थिक, सामाजिक, डिजिटल, फाइनेंशियल, मारीटाइम हमारे लिए एक प्रमुख प्राथमिकता है। पिछले कुछ सालों में हम इन सभी क्षेत्रों में करीब आते गए हैं । 

    पीएम मोदी ने कहा कि भारत और आसियान की सामरिक भागीदारी हमारी साझा ऐतिहासिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक धरोहर पर आधारित है।आसियान समूह शुरू से हमारी एक्ट ईस्ट पॉलिसी का मूल केंद्र रहा है। भारत के ‘इंडो पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव’ और आसियान के ‘आउटलुक ऑन इंडो पैसिफिक’ के बीच कई समानताएं हैं ।