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  • चिराग पासवान बोले- चाचा कहते तो उन्हें बना देता संसदीय दल का नेता, शेर का बेटा हूं, लड़ाई जारी रहेगी,जदयू पर लगाया बांटने का आरोप

    लड़ाई लंबी है और कानूनी तरीके से इस लड़ाई को लड़ेंगे -चिराग

    दिल्ली :लोक जनशक्ति पार्टी में जारी घमासान को लेकर बुधवार को चिराग पासवान ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि यह लड़ाई लंबी है और वो कानूनी तरीके से इस लड़ाई को लड़ेंगे ।पशुपति परास से चल रहे विवाद के बाद आज उन्होंने मीडिया के सामने अपने दर्द को साझा किया गई । उन्होंने  कहा कि पिछले कुछ वक्त से मेरी तबीयत खराब थी, इसलिए मैं पिछले कुछ दिनों से बाहर नहीं आ पाया. ये सबकुछ ऐसे नहीं निपटेगा, ये लड़ाई लंबी है।चिराग ने कहा की पापा के निधन के बाद से ही मुश्किलें बढ़ने लगी थी ।चिराग पासवान ने कहा कि 8 अक्टूबर को पिताजी का निधन हुआ और उनके बाद ही चुनाव आ गया था. वो काफी मुश्किल वक्त था, लेकिन चुनाव के दौरान लोगों ने हमें बड़ा समर्थन दिया. हमें 25 लाख से अधिक वोट मिले ।






    चिराग पासवान ने कहा कि जदयू की वजह से हम गठबंधन से अलग हुए थे और अकेले चुनाव लड़ा था. 
    चिराग पासवान ने कहा कि मेरा भरोसा नीतीश कुमार की नीतियों पर नहीं था, इसलिए मैंने किसी के सामने नहीं झुकने का फैसला किया. पार्टी में जो लोग संघर्ष के पथ पर नहीं थे, उन्होंने अलग रास्ता अपनाया. मेरे चाचा पशुपति पारस ने भी विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार में कोई भूमिका नहीं निभाई.उन्होंने  कहा कि जब मैं बीमार था, तब मेरे पीठ पीछे पार्टी को तोड़ने की साजिश रची गई. इस बार की होली पर परिवार का कोई भी व्यक्ति साथ नहीं था.

    उन्होने कहा मैंने अपनी चिट्ठी में चाचा से बात करने की अपील की थी.गौरतलब हो कि कल चिराग ने पुरानी चिट्ठी को भी ट्विटर पर साझा किया था ।चिराग पासवान ने कहा कि पार्टी के संविधान के अनुसार सिर्फ संसदीय दल और खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष ही संसदीय दल के नेता को चुन सकता है, अगर चाचा कहते तो उन्हें संसदीय दल का नेता बना दिया जाता. अगर राष्ट्रीय अध्यक्ष की बात है तो संविधान के अनुसार अभी भी वही अध्यक्ष हैं.चिराग पासवान ने कहा कि मैं रामविलास पासवान का बेटा हूं, मैं शेर का बेटा हूं.. पहले भी लड़ा था और आगे भी लड़ूंगा. बिहार की जनता हमारे साथ है, जनता दल यूनाइटेड की तरफ से बांटने की कोशिश की जा रही है. इन्होंने पहले भी दलितों को बांटने की कोशिश की है।






    वहीं पशुपति पारस गुट द्वारा लगाए गए आरोपों पर चिराग पासवान ने कहा कि अगर किसी फैसले पर दिक्कत थी, तो तभी बात कहनी थी. चुनाव के 6 महीने बाद विरोध जताने का क्या मतलब नहीं है. पशुपति पारस द्वारा बुलाई गई बैठक पर चिराग पासवान ने कहा कि उनके पास इस तरह की बैठक बुलाने के लिए अधिकार नहीं है. 


    चिराग पासवान ने कहा कि जदयू की ओर से लंबे वक्त से बांटने की कोशिश की गई है, साथ ही उन्होंने कहा कि जब उनकी पार्टी में ही लोग दगा दे रहे हैं तो वह क्या कर सकते हैं. लोजपा सांसद प्रिंस पासवान पर लगे यौन शोषण के आरोपों पर चिराग पासवान ने कहा कि मैंने दोनों पक्षों को सुना था और पुलिस के पास जाने की सलाह दी थी. 

    गौरतलब है कि पशुपति पारस समेत कुल पांच सांसदों ने खुद को चिराग पासवान से अलग कर दिया था. पशुपति पारस ने लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी लिख खुद को संसदीय दल का नेता बनाने की अपील की थी, जिसे मंजूर कर लिया गया था. चिराग पासवान ने भी निर्णय लेते हुए पांचों सांसदों को पार्टी से निकाल दिया था। वहीं चिराग पासवान ने लोकसभा स्पीकर को भी पत्र लिखकर कहा है कि, “पशुपति कुमार पारस को लोकसभा में लोजपा का नेता घोषित करने का निर्णय हमारी पार्टी के संविधान के प्रावधान के विपरीत है।” उन्होंने अध्यक्ष से उनके पक्ष में नया सर्कुलर जारी करने का अनुरोध किया है। 






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  • देश :सदन में ओवेशी पर जम कर बरसे गृह मंत्री अमित शाह,कहा ओवेशी अफसरों का भी हिन्दू -मुस्लिम में विभाजन करना चाहते हैं

    देश/डेस्क

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में  कहा कि जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक का राज्य के दर्जे से कोई संबंध नहीं है और उपयुक्त समय पर जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा भी दिया जाएगा।श्री शाह लोकसभा में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2021 पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि इस विधेयक में ऐसा कहीं भी नहीं लिखा है कि इससे जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा, ”मैं फिर से कहता हूं कि इस विधेयक का जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे से कोई संबंध नहीं है। उपयुक्त समय पर प्रदेश को राज्य का दर्जा दिया जाएगा।







    गृहमंत्री ने 4जी इंटरनेट सुविधाएं दबाव में बहाल करने के आरोप पर जवाब दिया। श्री शाह ने कहा, ”असदुद्दीन ओवैसी जी ने कहा कि 2जी से 4जी इंटरनेट सेवा को विदेशियों के दबाव में लागू किया है। उन्हें पता नहीं है कि यह संप्रग सरकार नहीं, जिसका वह समर्थन करते थे। यह नरेन्द मोदी की सरकार है, जो देश के लिए फैसले करती है।”
    उन्होंने कहा, ”यहां कहा गया कि अनुच्छेद 370 हटाने के वक्त जो वादे किए गए थे, उनका क्या हुआ? मैं उसका जवाब जरूर दूंगा लेकिन पूछना चाहता हूं कि अभी तो अनुच्छेद 370 को हटे हुए केवल 17 महीने हुए हैं, आपने 70 साल क्या किया उसका हिसाब लेकर आए हो क्या?”







    श्री शाह ने कहा कि जिन्हें पीढ़ियों तक देश में शासन करने का मौका मिला, वे अपने गिरेबां में झांककर देखें, क्या आप हमसे 17 महीने का हिसाब मांगने के लायक हैं या नहीं।
    गृह मंत्री ने कहा, ”मैं इस सदन को फिर से एक बार कहना चाहता हूं कि कृपया जम्मू कश्मीर की स्थिति को समझें। राजनीति करने के लिए कोई ऐसा बयान न दें, जिससे जनता गुमराह हो।”श्री शाह aimim नेता अशद उद्दीन ओवेशी पर जमकर बरसे और कहा  कि औवेसी अफसरों का भी हिन्दू-मुस्लिम में विभाजन करते हैं। एक मुस्लिम अफसर हिन्दू जनता की सेवा नहीं कर सकता या हिन्दू अफसर मुस्लिम जनता की सेवा नहीं कर सकता क्या? उन्होंने कहा कि अफसरों को हिन्दू-मुस्लिम में बांटते हैं और खुद को धर्मनिरपेक्ष कहते हैं।

    मालूम हो कि एआईएमआईएम सांसद असादुद्दीन ओवैसी ने जम्मू कश्मीर में आबादी के हिसाब से मुस्लिम अफसरों की संख्या कम होने का आरोप लगाया था। श्री शाह ने ओवेशी को ऐसा कार्य नहीं करने की नसीहत दी ।

    श्री शाह ने कहा कि 2014-15 से 2019 तक 4,164 करोड़ रु जम्मू कश्मीर सरकार के माध्यम से लद्दाख में भेजी गई थी।370 हटने के बाद 31 अक्टूबर 2019 से 31 मार्च 2020 तक 3,518 करोड़ रु हम लद्दाख के लिए भेज चुके हैं।उन्होंने कहा कि 44,000 कश्मीरी पंडितों के परिवारों को, जिनके पास राहत कार्ड है, उन्हें 13,000 रुपये प्रति महीने सरकार देती है। पुनर्वास के बाद 3,000 नौकरियां दे दी गईं हैं। इसके अतिरिक्त 6,000 लोगों को कश्मीर घाटी में 2022 तक घर देकर हम बसा देंगे। श्री शाह ने बिजली ,पानी सहित रोजगार को लेकर किए गए कार्यों की जानकारी भी सदन को दी और कहा कि 
    प्रधानमंत्री विकास पैकेज की जो घोषणा हुई, इसके तहत 58,627 करोड़ रुपये परिव्यय की 54 योजनाएं थी।54 में से 20 परियोजनाएं, जिनमें से 7 केंद्रीय और 13 संघ राज्य की थी, ये काफी हद तक पूरी हो चुकी है और 8 परियोजनाएं मार्च के अंत तक पूरी हो जाएगी।






  • देश :लोकसभा में वित्त मंत्री का दिखा अलग अंदाज़ ,राहुल गांधी पर जम कर बरसी निर्मला सीतारमण,कहा कांग्रेस बोल सकती थी कि हम दो हमारे दो में दामाद को आदेश देकर आए हैं कि जमीन वापस करो

    देश /डेस्क

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट पर चर्चा के दौरान लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेताओ पर जम कर निशाना साधा है ।उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी ने लोकतांत्रिक मूल्यों को तोड़ा है साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बताएं कृषि कानून में क्या कमी है ।कांग्रेस हम दो हमारे दो पर चल रही है ।

    वित्त मंत्री ने कहा कि सवाल था कि आपने खेती के बजट को 10 हजार करोड़ क्यों कम किया? आपको किसानों की चिंता नहीं है? इसे ठीक से नहीं समझा गया क्योंकि पीएम किसान सम्मान योजना के शुरू होने से लेकर 10.75 करोड़ किसानों के बैंक खातो में 1.15 लाख करोड़ ट्रांसफर किया गया ।उन्होने कहा2013-14 में राजस्व के तहत 1,16,931 करोड़ रुपये , पूंजी के तहत 86,741 करोड़ और 44,500 करोड़ रुपये पेंशन के तहत आवंटित किए गए थे। अब राजस्व के तहत 2,09,319 करोड़, पूंजी के तहत 1,13,734 करोड़ और पेंशन के तहत 1,33,825 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं ।






    वित्त मंत्री ने कहा कांग्रेस क्यों पहले कृषि कानूनों का समर्थन करती थी और अब बदल गई। किसानों को इतना ज्ञान देने वाली कांग्रेस बहुत से राज्यों में चुनाव जीतने के लिए कहती थी कि हम कृषि लोन देंगे लेकिन मध्य प्रदेश में यह लागू नहीं हुआ। कांग्रेस ने वोट लिया और किसानों को गुमराह किया ।

    साथ ही कहा कि कांग्रेस ने राजस्थान, मंध्य प्रदेश और छतीसगढ़ में कर्ज माफी नहीं किया। उम्मीद थी कि कांग्रेस ने इस पर बयान देगी लेकिन नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उम्मीद थी कि कांग्रेस पराली के विषय पर पंजाब में कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों को कुछ राहत दिलाएगी मगर ये भी नहीं किया ।

    वित्त मंत्री ने तीखे तेवर में कहा कि उम्मीद थी की हमारे तीन कानूनों में से कम से कम एक बिंदु निकालकर वे बोलें कि इसकी वजह से किसानों को नुकसान होगा मगर यह भी नहीं हुआ। कांग्रेस बोल सकती थी कि हम दो हमारे दो में दामाद को आदेश देकर आए हैं कि जमीन वापस करो लेकिन वह भी नहीं किया । उन्होंने कहा तीनों कृषि कानून आने के बाद APMC देश भर में कहीं भी बंद हुआ है क्या? कहीं भी बंद नहीं हुआ। मैं पूछ रही हूं कि यह साबित करें कि कहीं भी अगर एक भी APMC मंडी बंद हुई हो। हम APMC का ढांचा बढ़ाने के लिए राज्यों को फंड भी दे रहे हैं।






  • देश :चीन की अकड़ हुई ढीली ,पूर्व की स्थिति में लौट रही है चीनी सेना ,रक्षा मंत्री ने कहा हम अपनी एक इंच जमीन भी किसी को लेने नहीं देंगे

    देश /डेस्क

    भारत सरकार के सख्त रुख के बाद अब चीन की अकड़ ढीली पड़ चुकी है और जानकारी के मुताबिक चीनी सेना अप्रैल 2020 की स्थिति पर पीछे लौट रही है ।आज लोकसभा में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने सदन को बताया कि हमारी सशस्त्र सेनाओं द्वारा भारत की सुरक्षा की दृष्टि से Adequate तथा Effective counter deployment किए गए है। भारतीय सेनाओं ने सभी चुनौतियों का डटकर सामना किया है तथा अपने शौर्य और बहादुरी का परिचय दिया है।उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाएं बहादुरी के साथ लद्दाख में कई मीटर बर्फ के बावजूद सीमाओं की रक्षा करते हुए अडिग है।






    श्री सिंह ने कहा कि उन्होंने यह साबित करके दिखाया है कि भारत की संप्रभुता एवं अखण्डता की रक्षा करने में वे सदैव हर चुनौती से लड़ने के लिए तत्पर है । श्री सिंह ने कहा हम अपनी एक ईंच जमीन भी किसी और को नहीं लेने देंगे। उन्होंने कहा मैं इस सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस बातचीत में हमने कुछ भी खोया नही है। साथ ही मैं सदन को यह भी जानकारी देना चाहता हूं कि अभी भी LAC पर deployment तथा patrolling के बारे में कुछ outstanding issues बचे हुए हैं जिन्हें आगे की बातचीत में रखा जाएगा।

    श्री सिंह ने कहा कि सारा सदन हमारे Armed forces की इस विषम एवं भीषण बर्फबारी की परिस्थितियों में भी शौर्य और वीरता के प्रदर्शन की भूरि-भूरि प्रशंसा करता है। उन्होंने कहा मैं आश्वस्त हूं कि यह पूरा सदन,  चाहे कोई किसी भी दल का क्यों न हो, देश की संप्रभुता, एकता और अखण्डता और सुरक्षा के प्रश्न पर एक साथ खड़ा है। बता दे कि बीते साल गलवान घाटी में चीनी सैनिकों द्वारा धोखे से किए गए हमले में 45 जवान शहीद हो गए थे जिसके बाद पूरे देश में चीन की इस कायराना हरकत के बाद चीन को सबक सिखाने की मांग की गई थी ।सरकार ने भी इस घटना के बाद कई मोर्चो पर चीन को कड़ा संदेश देने का काम किया था और अब जाकर चीन कि हेकड़ी निकल चुकी है और पेंगोंग इलाके में चीनी सेना पूर्व की स्थिति बहाल करने पर तैयार हो चुकी है और फिंगर पॉइंट 8 पर चीनी सैनिक लौट रहे है जिसपर अप्रैल 2020 में थे ।

     






  • दिल्ली :लोकसभा में कृषि कानूनों पर बोले पीएम मोदी, कहा कानून लागू होने के बाद न देश में कोई मंडी बंद हुई, न एमएसपी बंद हुआ।ये सच्चाई है ,रणनीति के तहत फैलाई जा रही है झूठ,साजिश का होगा पर्दाफाश

    देश /डेस्क

    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए कोरोना काल में सरकार के द्वारा  किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए कोरोना वारियर्स की सराहना की साथ ही नए कृषि कानूनों पर भ्रम फैलाने के लिए विपक्ष पर भी हमला किया है और कहा कांग्रेस इसके कंटेंट पर चर्चा करती तो अच्छा होता साथ ही कहा कि कानून लागू होने के बाद ना तो एमएसपी खत्म हुई और ना ही मंडी यही सच्चाई है । श्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति जी का भाषण भारत के 130 करोड़ भारतीयों की संकल्प शक्ति को प्रदर्शित करता है।उन्होंने कहा विकट और विपरीत काल में भी ये देश किस प्रकार से अपना रास्ता चुनता है, रास्ता तय करता है और रास्ते पर चलते हुए सफलता प्राप्त करता है, ये सब राष्ट्रपति जी ने अपने अभिभाषण में कही।






    उन्होंने कहा मैं इस चर्चा में भाग लेने वाले सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं।मैं विशेष रूप से हमारी महिला सांसदों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं।उन्होंने कहा देश जब आजाद हुआ, जो आखिरी ब्रिटिश कमांडर थे, वो आखिरी तक यही कहते थे कि भारत कई देशों का महाद्वीप है और कोई भी इसे एक राष्ट्र नहीं बना पाएगा।लेकिन भारतवासियों ने इस आशंका को तोड़ा।

    विश्व के लिए आज हम आशा की किरण बनकर खड़े हुए हैं। पीएम ने कहा कि कुछ लोग ये कहते थे कि India was a miracle democracy. ये भ्रम भी हमने तोड़ा है।लोकतंत्र हमारी रगों और सांस में बुना हुआ है, हमारी हर सोच, हर पहल, हर प्रयास लोकतंत्र की भावना से भरा हुआ रहता है।पीएम ने कहाआज जब हम भारत की बात करते हैं तो मैं स्वामी विवेकानंद जी की बात का स्मरण करना चाहूंगा।”हर राष्ट्र के पास एक संदेश होता है, जो उसे पहुंचाना होता है, हर राष्ट्र का एक मिशन होता है, जो उसे हासिल करना होता है, हर राष्ट्र की एक नियति होती है, जिसे वो प्राप्त करता है।”जिन संस्कारों को लेकर हम पले-बढ़े हैं, वो हैं-सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया।






    कोरोना कालखंड में भारत ने ये करके दिखाया है।उन्होने कहा हमारे लिए आवश्यक है कि हम आत्मनिर्भर भारत के विचार को बल दें।ये किसी शासन व्यवस्था या किसी राजनेता का विचार नहीं है।आज हिंदुस्तान के हर कोने में वोकल फ़ॉर लोकल सुनाई दे रहा है।ये आत्मगौरव का भाव आत्मनिर्भर भारत के लिए बहुत काम आ रहा है। पीएम ने कहा हमारे लिए संतोष और गर्व का विषय है कि कोरोना के कारण कितनी बड़ी मुसीबत आएगी इसके जो अनुमान लगाए गए थे कि भारत कैसे इस स्थिति से निपटेगा।ऐसे मैं ये 130 करोड़ देशवासियों के अनुशासन और समर्पण ने हमें आज बचा कर रखा है।

    इसका गौरवगान हमें करना चाहिए।भारत की पहचान बनाने के लिए ये भी एक अवसर है -पीएम

    देश जब आजाद हुए तो आखिरी ब्रिटिश कमांडर यही कहते रहते थे कि भारत कई देशों का महाद्वीप है, कोई भी इसे एक राष्ट्र नहीं बना पाएगा। परन्तु भारतवासियों ने इस आशंका को तोड़ा। आज हम विश्व के सामने एक राष्ट्र के रूप में खड़े हैं और विश्व के लिए एक आशा की किरण हैं : PM मोदी, लोकसभा में

    उन्होंने कहा ये हिन्दुस्तान है जो लगभग 75 करोड़ भारतीयों को कोरोना काल के दौरान 8 महीने तक राशन पहुंचा सकता है। कृषि कानून के रंग पर चर्चा हुई अच्छा होता मुद्दों पर चर्चा होती । किसान अफवाह के शिकार। किसानों को गुमराह किया गया ।

    कोरोना कालखंड में जनधन खाते, आधार, ये सभी गरीब के काम आए। लेकिन कभी-कभी सोचते हैं कि आधार को रोकने के लिए कौन लोग सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे में गए थे -पीएम

    कृषि क्षेत्र को कठिन चुनौतियों से बाहर लाने के लिए हमें प्रयास करना होगा ही।
    इसके लिए हमने ईमानदारी से प्रयास किया है -पीएम

    पीएम ने कहा मैं देख रहा था कि कांग्रेस के साथियों ने जो चर्चा की, वो इस कानून के रंग पर तो बहुत चर्चा कर रहे थे। अच्छा होता कि उसके कंटेट और इंटेट पर चर्चा करते। ताकि देश के किसानों तक सही चीजें पहुंचती।






    पीएम ने कहा इस कोरोना काल में 3 कृषि कानून भी लाये गए।

    ये कृषि सुधार का सिलसिला बहुत ही आवश्यक और महत्वपूर्ण है और बरसों से जो हमारा कृषि क्षेत्र चुनौतियां महसूस कर रहा है, उसको बाहर लाने के लिए हमें निरंतर प्रयास करना ही होगा और हमने एक ईमानदारी से प्रयास किया भी है।

    पीएम ने कहा हम मानते हैं कि इसमें सही में कोई कमी हो, किसानों का कोई नुकसान हो, तो बदलाव करने में क्या जाता है।ये देश देशवासियों का है। हम किसानों के लिए निर्णय करते हैं, अगर कोई ऐसी बात बताते हैं जो उचित हो, तो हमें कोई संकोच नहीं है।उन्होंने कहा कानून लागू होने के बाद न देश में कोई मंडी बंद हुई, न एमएसपी बंद हुआ।ये सच्चाई है।इतना ही नहीं ये कानून बनने के बाद एमएसपी की खरीद भी बढ़ी है।






    पीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद में ये हो-हल्ला, ये आवाज, ये रुकावटें डालने का प्रयास, एक सोची समझी रणनीति के तहत हो रहा है।रणनीति ये है कि जो झूठ, अफवाहें फैलाई गई हैं, उसका पर्दाफाश हो जाएगा।इसलिए हो-हल्ला मचाने का खेल चल रहा है।उन्होंने कहा कानून बनने के बाद किसी भी किसान से मैं पूछना चाहता हूं कि पहले जो हक और व्यवस्थाएं उनके पास थी, उनमें से कुछ भी इस नए कानून ने छीन लिया है क्या?इसका जवाब कोई देता नहीं है,  क्योंकि सबकुछ वैसा का वैसा ही है।

    मैं हैरान हूं पहली बार एक नया तर्क आया है कि हमने मांगा नहीं तो आपने दिया क्यों।दहेज हो या तीन तलाक, किसी ने इसके लिए कानून बनाने की मांग नहीं की थी, लेकिन प्रगतिशील समाज के लिए आवश्यक होने के कारण कानून बनाया गया- पीएम 

    मांगने के लिए मजबूर करने वाली सोच लोकतंत्र की सोच नहीं हो सकती है – पीएम 

    हमारे यहां एग्रीकल्चर समाज के कल्चर का हिस्सा रहा है। हमारे पर्व, त्योहार सब चीजें फसल बोने और काटने के साथ जुड़ी रही हैं – पीएम

    पीएम ने कहा किसानों के आंदोलन को अपवित्र करने का काम किसानों ने नहीं आंदोलन जीबीयू ने किया है किसान आंदोलन को पवित्र मानता हूं लेकिन किसान आंदोलन में नक्सलियों देशद्रोहियों का फोटो लेकर उनके रिहाई की मांग करना क्या यह उचित है ।