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  • देश : भारतीय वायु सेना कमांडर सम्मेलन में रक्षा मंत्री ने वायु सेना से किसी भी आकस्मिक स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार रहने की अपील की।


    देश /डेस्क 

    भारतीय वायु सेना कमांडर सम्मेलन  का उद्घाटन  रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा बुधवार को किया गया । वायु सेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आर. के. एस. भदौरिया ने माननीय रक्षा मंत्री एवं रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत किया।


    भारतीय वायु सेना कमांडरों को अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने पिछले कुछ महीनों के दौरान अपनी परिचालनगत क्षमताओं को सुदृढ़ बनाने में भारतीय वायु सेना द्वारा प्रदर्शित सक्रिय प्रतिक्रिया की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना ने जिस पेशेवर तरीके से बालाकोट में हवाई हमलों तथा पूर्वी लद्दाख में व्याप्त स्थिति की प्रतिक्रया में अग्रवर्ती स्थानों पर भारतीय वायु सेना परिसंपत्तियां की त्वरित तैनाती को अंजाम दिया, उससे शत्रुओं को एक जोरदार संदेश गया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए राष्ट्र का संकल्प उसकी सशस्त्र सेनाओं की क्षमता में विश्वास के कारण अडिग है।

    उन्होंने एलएसी पर तनाव घटाने की जारी कोशिशों पर प्रशंसा की तथा भारतीय वायु सेना से किसी भी आकस्मिक स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार रहने की अपील की।


    उन्होंने कोविड-19 महामारी के प्रति देश के रिस्पांस की सहायता करने एवं कई एचएडीआर मिशनों के दौरान निभाई गई भूमिका के लिए भारतीय वायु सेना के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने रक्षा उत्पादन में आत्म निर्भरता अर्जित करने की आवश्यकता रेखांकित की तथा नोट किया कि इस एएफसीसी के लिए चुनी गई थीम-अगले दशक में भारतीय वायु सेना-‘ आगे आने वाले दिनों में स्वदेशीकरण की दिशा में प्रयासों को बढ़ाने के लिए बहुत उपयुक्त है।

    उन्होंने सीडीएस की नियुक्ति तथा डीएमए के सृजन के बाद से तीनों सेनाओं के बीच संयोजन तथा समेकन बढ़ाने की दिशा में की गई प्रगति की प्रशंसा की।


    रक्षा मंत्री ने प्रौद्योगिकी में आए बदलावों तथा नैनो टेक्नोलाजी, आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस, साइबर एवं अंतरिक्ष क्षेत्रों में उभरती क्षमताओं को अपनाने में भारतीय वायु सेना की भूमिका की सराहना करते हुए अपने भाषण का समापन किया। उन्होंने कमांडरों को भरोसा दिलाया कि चाहे वित्तीय आवश्यकताएं हों या और कोई आवश्यकता, सशस्त्र बलों की सभी जरुरतों को पूरा किया जाएगा।


    सीएएस ने कमांडरों को अपने संबोधन में कहा कि भारतीय वायु सेना अल्पकालिक एवं रणनीतिक खतरों का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और यूनिट भी शत्रुओं द्वारा किसी भी आक्रमक कार्रवाई का मुकाबला करने के लिए बिल्कुल तैयार हैं। उन्होंने नोट किया कि तैनाती एवं बलों की तैयारी सुनिश्चित करने में सभी कमानों की प्रतिक्रया त्वरित और सराहनीय रही। उन्होंने एक सुदृढ़ रिस्पांस सुनिश्चित करने के लिए अल्प समय की सूचना पर स्थिति से निपटने की क्षमता पर फोकस करने पर बल दिया।


    तीन दिनों के सम्मेलन के दौरान, कमांडर उभरने वाली सभी स्थितियों से निपटने के लिए अगले दशक में भारतीय वायु सेना की क्षमताओं के निर्माण पर विचार करने से पूर्व वर्तमान प्रचालनगत परिदृश्य एवं तैनातियों की समीक्षा करेंगे।

  • देश :रक्षा मंत्री पहुंचे लद्दाख,हथियार उठा कर चीन पाकिस्तान को दिया साफ संकेत

    सेना ने किया शौर्य का प्रदर्शन

    भारत के स्वाभिमान पर यदि चोट पहुँचाने की कोशिश की गई तो हम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे और मुंहतोड़ जवाब देंगे।

    देश/डेस्क

    भारत-चीन तनाव के बीच शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लद्दाख के लुकुंग चौकी  पहुंचे। इस मौके पर सेना के जवानों ने अपना पराक्रम दिखाया। इस दौरान पैरा कमांडोज ने युद्धाभ्यास किया।मालूम हो कि यह वही क्षेत्र है जहां भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने आए थे।

    रक्षा मंत्री इस दौरान हथियार थाम कर निशाना लगाते दिखे और  रक्षा मंत्री द्वारा  ये सीधा संकेत दिया गया कि  दुश्मन के किसी भी कुकृत्य का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। 

    रक्षा मंत्री की मौजूदगी में भारतीय सेना के टी -90 टैंक और बीएमपी पैदल सेना के लड़ाकू वाहनों ने अभ्यास किया। इस दौरान उनके साथ सेना प्रमुख श्री नरवणे और सीडीएस विपिन रावत भी मौजूद रहे । रक्षा मंत्री ने सेना के जवानों से बात कर उनका मनोबल भी बढ़ाया ।रक्षा मंत्री ने कहा कि 

    जो कुछ भी अब तक बातचीत की प्रगति हुई है, उससे मामला हल होना चाहिए। कहाँ तक हल होगा इसकी गारंटी नहीं दे सकता। लेकिन इतना यक़ीन मैं ज़रूर दिलाना चाहता हूँ कि भारत की एक इंच ज़मीन भी दुनिया की कोई ताक़त छू नहीं सकती, उस पर कोई कब्ज़ा नहीं कर सकता साथ ही कहा कि 

    हम अशांति नहीं चाहते हम शांति चाहते हैं।हमारा चरित्र रहा है कि हमने किसी भी देश के स्वाभिमान पर चोट मारने की कभी कोशिश नहीं की है।भारत के स्वाभिमान पर यदि चोट पहुँचाने की कोशिश की गई तो हम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे और मुंहतोड़ जवाब देंगे।रक्षा मंत्री ने कहा कि 

    भारतीय सेना के ऊपर हमें नाज़ है। मैं जवानों के बीच आकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। हमारे जवानों ने शहादत दी है। इसका ग़म १३० करोड़ भारतवासियों को भी है।
    भारत का नेतृत्व सशक्त है। हमें श्री नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिला है। फ़ैसला लेने वाला प्रधानमंत्री मिला है। मालूम हो कि इससे पूर्व प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी लद्दाख का दौरा कर चुके है और उन्होने भी साफ शब्दों में कह दिया था कि देश की संप्रभुता के साथ खिलवाड़ करने वालो को बख्शा नहीं जाएगा और अब रक्षा मंत्री के दौरे के बाद एक बात पूरी तरह साफ हो चुकी है की भारतीय सेना चीन और पकिस्तान को करारा जबाव देने के लिए पूरी तरह तैयार है ।

  • देश : सशस्त्र बलों को रक्षा मंत्री ने 300 करोड़ रुपए किए आवंटित

    देश/डेस्क

     रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक बुलाई गई। बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि उत्तरी सीमाओं के साथ मौजूदा स्थिति को देखते हुए सशस्त्र बलों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

    जिसके बाद डीएसी ने सशस्त्र बलों को 300 करोड़ रुपये की राशि को आकस्‍मिक ऑपरेशनल जरूरतों के लिए दिया है। यह खरीद की समय सीमा को कम करेगा और 6 महीने के भीतर आदेशों की नियुक्ति सुनिश्चित करेगा और एक साल के भीतर वितरण शुरू करेगा।

  • देश: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह करेंगे लेह का दौरा

    देश/डेस्क

    भारत सरकार द्वारा 59 चाइनीज ऐप पर प्रतिबंध के साथ साथ बीएसएनएल,एमटीएनएल सहित अन्य टेंडरों से चाइनीज कंपनियों को बहिष्कृत करने की प्रक्रिया जारी है और चीन को आर्थिक मोर्चे पर भारत सरकार सबक सीखने में जुटी हुई है ।

    जिसके बाद चंद नेताओ को छोड़ कर पूरे देश में सरकार के फैसले का समर्थन किया जा रहा है ।दूसरी तरफ जानकारी के मुताबिक भारत पाकिस्तान सीमा से सटे कई इलाकों पाकिस्तान की तरफ चीन की गतिविधियां बढ़ गई है जिसे देखते हुए

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे LAC में चीनी आक्रामकता को देखते हुए शुक्रवार को पूर्वी लद्दाख की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए लेह का दौरा करेंगे और स्थिति का जायजा लेंगे ।

  • भारत-रूस रक्षा और रणनीतिक साझेदारी पर होगी चर्चा -सूत्र

    देश/डेस्क

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय यात्रा पर  मास्को पहुंच गए हैं जहां 75 वें विजय दिवस परेड में भी शामिल होंगे। 


    रक्षा मंत्री भारत-रूस रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर बातचीत करेंगे। मालूम हो कि इस दौरान कई अहम फैसले लिए जा सकते है ।

    साथ ही हथियारों की खरीद को लेकर भी बड़ा करार किया जा सकता है ।मालूम हो कि रूस से हिंदुस्तान का बहुत पुराना और गहरा रिश्ता रहा है और चीन से जारी गतिरोध के बाद यह दौरा कई मायनों में अहम रखता है