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  • बिहार :बारिश से बाढ़ का खतरा मंडराया , मौसम विभाग ने 15 जिलों को किया अलर्ट

    सूबे की कई नदियां उफान पर

    राजेश दुबे

    बिहार के अलग-अलग जिलों में हो रही लगातार बारिश से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है । मालूम हो मुजफ्फरपुर पटना पूर्णिया , किशनगंज कटिहार, खगड़िया सहित अन्य जिलों में लगातार बारिश हो रही है । जिसके बाद नदियों का जलस्तर बाढ़ गया है ।मालूम हो कि खगड़िया जिले  में बागमती नदी उफान पर है । जानकारी के अनुसार बागमती  खतरे के निशान से 2.12 मीटर ऊपर बह रही है .कोसी खतरे के निशान से 1.52 मीटर ऊपर बह रही है ।

    मुजफ्फरपुर जिले में भी लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं और कई इलाकों में लोगों के घरों में पानी घुस चुका है । राज्य में मौसम विभाग द्वारा अगले 3 घण्टा तक 15 जिला को भारी बारिश और ब्रजपात को लेकर अलर्ट किया गया है ।राज्य के पटना,बक्सर,भोजपुर,सिवान,सारण,पूर्वी चंपारण,शिवहर,सीतामढ़ी,मुजफ्फरपुर , दरभंगा,वैशाली,समस्तीपुर,बेगूसराई,अरबल, जहानाबाद में लोगो को अलर्ट किया गया है ।

    सीमावर्ती किशनगंज जिले में महानंदा नदी उफान पर है और लगातार बारिश से जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई है । किशनगंज जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है और किसी भी गंभीर परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा तैयारी की गई है ।जानकारी के  नेपाल के तराई इलाको में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है । वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 2लाख 7 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा  गया ।

    मालूम हो कि किशनगंज से सटे महानंदा बराज से 420.303 क्यूबिक मीटर पानी डिस्चार्ज किया गया है।जिला प्रशासन के मुताबिक महानंदा बराज का डिस्चार्ज अत्यधिक है ।

  • किशनगंज :बारिश से जनजीवन प्रभावित ।पोठिया में हुई रिकॉर्ड बारिश

    किशनगंज /इरफान

    पोठिया प्रखंड क्षेत्र में सर्वाधिक वर्षा रिकार्ड की गई है। महानन्दा कार्यालय सूत्रों के मुताबिक 180 मिलीमीटर बर्षा रिकार्ड हुई है। जबकि महानन्दा नदी का जलस्तर स्थिर बताया जा रहा है। जो 65.65 सेंमी बताया जा रहा है।अधिक बारिश के कारण प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में लोगो के आंगनों में जल जमाव हो गया है। प्रखण्ड सहित जिले के कई इलाकों में रविवार को भी भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है ।

    बारिश की वजह से लोगों तथा मवेशियों को काफी परेशानी हो रही है।बरसाती पानी का जमाव कोवाबड़ी, बरापोखर, हरिजन व आदिवासी टोला, जंगलबस्ती, सतबोलिया, तथा इन्दरपुर पासवान टोला आदि गाँवो में हो गया है। लोगों को घरों से निकलने में तथा माल मवेशियों के लिए चारा के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    कोवाबड़ी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के पश्चिम भाग में यदि नाला निर्माण तथा निचली स्थानो पर मिट्टी भराई कर दिया जाय तो लोगों को बरसाती तथा बाढ़ के पानी से स्थाई रूप से निजात मिल जाएगी। ग्रामीणों ने जल जमाव की समस्या को जिलापदधिकारी की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए मिट्टीकरण तथा नाला निर्माण कराये जाने की मांग की है। रविवार को हो रही बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है ।जिसके बाद लोग सहमे हुए है ।मालूम हो कि मौसम विभाग द्वारा अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है ।

  • कटिहार ! महानन्दा खतरे के निशान से बह रही ऊपर अन्य नदिया भी उफान पर

    बाढ़ को लेकर सभी तैयारी पूरी किसी को नहीं होगी कठिनाई – डीएम

    कटिहार/रितेश रंजन

    कटिहार जिले में लगातार हो रही तेज बारिश से जहां एक और महानंदा लाल निशान से ऊपर ऊपर रही है, वही गंगा कोसी और बरंडी नदियां फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे बह रही है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक महानंदा नदी झौआ, बहरखाल, आजमनगर, धबौल, कुर्सेल और  दुर्गापुर में लाल निशान से ऊपर बह रही है।

    बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक महानंदा नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के अंदर 15 सेंटीमीटर की बढ़त बनाते हुए झौआ के समीप करीब 31.63 बहरखाल के समीप 31.26 , आजमनगर के समीप 30.30 धबौल के समीप 29.65 कुर्सेल के समीप 31.59 तथा दुर्गापुर के समीप 28.32 सेंटीमीटर पर पहुंच लाल निशान को पार कर चुकी है।

    वही गंगा नदी के जलस्तर में पिछले 24 घँटे के अंतराल में करीब 5 सेंटीमीटर और कोसी नदी के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। जबकि बरंडी नदी के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है।

    जिला पदाधिकारी श्री कंवल तनुज ने बताया कि बाढ़ के हालात को देखते हुए सभी तैयारी पूरी की जा चुकी है साथ ही कहा कि टास्क फोर्स का गठन किया जा चुका है एवं बाढ़ में किसी को राशन की किल्लत ना हो उसके लिए भी तैयारी कि गई है। डीएम श्री तनुज ने बताया कि नाविकों का भुगतान कर दिया गया और नाव की संख्या भी डेढ़ गुणा बढ़ा दी गई है किसी को कोई कठिनाई नहीं होगी ।

  • बिहार ! लगातार बारिश से लोगो में त्राहिमाम । 2017 में आए विनाश कारी बाढ़ को याद कर सहमे नागरिक

    बिहार के सीवान में वज्रपात से 7 लोगो की मौत । राज्य में अब तक ठनका गिरने से 10 की मौत

    राजेश दुबे

    बिहार के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है ।बारिश के बाद कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।मालूम हो कि मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश को लेकर पूर्व में ही चेतावनी जारी कर दी गई थी ।जिसके बाद आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा भी सभी जिलों के जिला पदाधिकारी को संभावित बाढ़ और ठनका के साथ बारिश से एहतियात बरतने एवं तैयारी करने का निर्देश दिया गया था ।

    बिहार के किशनगंज ,पूर्णिया ,अररिया सहित कई अन्य जिलों में बुधवार रात से ही बारिश हो रही है ।सीमा वर्ती किशनगंज जिले में बुधवार रात करीब 11 बजे से बारिश आरंभ हुई है जो की थमने का नाम नहीं ले रही है ।जिले में बारिश की वजह से निचले इलाकों में पानी भर गया है और लोग परेशान है ।

    जिला प्रशासन द्वारा भारी बारिश के बाद सभी अधिकारियों एवं थाना अध्यक्षों को अलर्ट कर दिया गया है कि अगर बाढ़ कि स्थिति बने तो निचले इलाकों में रह रहे लोगो को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया जा सके ।किशनगंज शहर के कई वार्डो में लगातार बारिश से लोगों के घरों में पानी घुसने की खबर है और लोग 2017 में आए विनाशकारी बाढ़ को याद कर सहमे हुए है ।

    वज्रपात से 10 लोगों की मौत, छह लोग झुलसे 


    बिहार में ठनका गिरने से अलग-अलग जिलों में दस लोगों की मौत हो गई तो वहीं चार लोग घायल हैं। गोपालगंज में वज्रपात से मरने वालों की संख्या सात हो गई है। बरौली के सोनवर्षा व खजुरिया में ठनका गिरने से एक एक तथा मांझा के शेखपरसा में ठनका गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई है। बरौली के रतनसराय वह सुरवल में ठनका की चपेट में आने से दो लोग झुलस गए हैं। वहीं, मधुबनी और मोतिहारी में पांच लोगों की मौत हो गई है तो वहीं चार लोग घायल हैं। 

  • पहला पानी –  केदारनाथ अग्रवाल 

    कविता

    पहला पानी गिरा गगन से
    उमँड़ा आतुर प्यार,
    हवा हुई, ठंढे दिमाग के जैसे खुले विचार ।
    भीगी भूमि-भवानी, भीगी समय-सिंह की देह,
    भीगा अनभीगे अंगों की
    अमराई का नेह
    पात-पात की पाती भीगी-पेड़-पेड़ की डाल,
    भीगी-भीगी बल खाती है
    गैल-छैल की चाल ।
    प्राण-प्राणमय हुआ परेवा,भीतर बैठा, जीव,
    भोग रहा है
    द्रवीभूत प्राकृत आनंद अतीव ।


    रूप-सिंधु की
    लहरें उठती,
    खुल-खुल जाते अंग,
    परस-परस
    घुल-मिल जाते हैं
    उनके-मेरे रंग ।
    नाच-नाच
    उठती है दामिने
    चिहुँक-चिहुँक चहुँ ओर
    वर्षा-मंगल की ऐसी है भीगी रसमय भोर ।
    मैं भीगा,
    मेरे भीतर का भीगा गंथिल ज्ञान,
    भावों की भाषा गाती है
    जग जीवन का गान ।