देश/डेस्क
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!किसान आंदोलन को 16 दिन पूरे हो चुके है और किसान नेताओ से सरकार ने 5 बार वार्ता की लेकिन सभी बैठके बेनतीजा रही है ।जिसके बाद किसान नेताओ ने आंदोलन तेज करने की घोषणा की है ।
शुक्रवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि किसानों की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व उनके आंदोलन का माहौल बिगाड़ने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने आंदोलन कर रहे किसान संगठनों से ऐसे तत्वों को अपना मंच प्रदान न करने की अपील की। श्री तोमर ने ट्वीट कर कहा, किसानों की आड़ में असामाजिक तत्व किसान आंदोलन का माहौल बिगाड़ने की साजिश कर रहे हैं।
मेरी किसान भाइयों से अपील है कि वे सजग रहें एवं ऐसे असामाजिक तत्वों को अपना मंच प्रदान न करें।गौरतलब हो कि गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई जिसमें किसान संगठन द्वारा दंगो एवं नक्सली गतिविधियों में शामिल सर्जील ईमान ,उमर खालिद सहित अन्य नेताओं के रिहाई कि मांग की जा रही थी ।यही नहीं खुफिया सूत्रों कि माने तो किसानों की आड़ में कई राष्ट्र विरोधी संगठन दिल्ली में सक्रिय हो चुके है जो किसान आंदोलन के आड़ में दंगे फैलाना चाहते है ।
मालूम हो कि किसान संगठनों की अपनी मांगों को लेकर सरकार के साथ पांच दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन बात नहीं बन पाई है। तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है और उनकी मांगों के मद्देनजर सरकार के साथ उनके प्रतिनिधियों से चर्चा जारी है। उन्होंने ट्वीट में कहा, किसानों की आपत्ति पर निराकरण का प्रस्ताव भी किसान यूनियन को भेजा गया है और आगे भी सरकार चर्चा के लिए तैयार है।
तोमर ने कहा कि उनके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी बार-बार कहा है कि एमएसपी की व्यवस्था चलती रहेगी, इस पर कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा, इस वर्ष भी एमएसपी पर फसलों की खरीद बहुत अच्छे से हुई है। एमएसपी को हमने ही डेढ़ गुना किया है। अगर एमएसपी को लेकर उनके मन में कोई शंका है तो हम लिखित आश्वासन देने को भी तैयार हैं।
उन्होंने कहा, नए कृषि सुधार कानूनों से एपीएमसी मंडी में लगने वाला कमीशन देने को बाध्य नहीं होंगे किसान।
उन्हें अपनी फसल के लिए अपनी मर्जी से मंडी और दाम चुनने की पूरी आजादी होगी।फिलहाल देश में किसान आंदोलन को लेकर जिस तरह कि राजनीति चल रही है और विपक्षी पार्टियां किसानों के नाम पर सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है ,उससे जल्द इस आंदोलन के समाप्त होने की संभावना नहीं दिख रही है ।देश वासियों की नजर प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की तरफ है की वो आगे आंदोलन कि समाप्ति हेतु क्या कदम उठाते हैं ।