व्रत/त्योहार:उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ चार दिवसीय चैती छठ संपन्न

खोरीबाड़ी /चंदन मंडल

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भारत – नेपाल सीमा के सीमावर्ती क्षेत्रों व भद्रपुर में लोक आस्था का महापर्व व सूर्य उपासना का पर्व चैती छठ सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ समापन हो गया। श्रद्धालुओं ने छठ पर्व पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया। मेची नदी के किनारे सैकड़ों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओ ने पूजा अर्चना कर अपने परिवार के सुख शांति की कामना छठ मैया से की ।

छठ पर्व के चौथे एवं अंतिम दिन तड़के ही उगते सूरज को अर्घ्य देने के लिए व्रती और उनके परिजन अपने घरों से पूजा सामग्रियों के साथ घाटों पर पहुंच गए थे। घुटने तक पानी में उतर कर, पूजा सामग्रियों से भरे सूप हाथों में लिए व्रतियों ने भगवान भास्कर को पूरी श्रद्धा के साथ दूसरा अर्घ्‍य दिया। सुबह घुटने तक पानी में खड़े होकर व्रतधारियों ने सूप, बांस की डलिया में सन्तरा , गन्ना सहित पूजन सामग्री और गाय के दूध से भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया और सुख समृद्धि की कामना की।

वहीं कई लोगों ने अपने घर के आसपास गड्ढे खोदकर छठ पूजा किया और डूबते व उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। बताते चलें कि शनिवार से ही छठ करने वाली महिलाएं व्रत पर थी। रविवार को छटव्रती व श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को प्रथम अ‌र्ध्य और सोमवार को उदीयमानन भगवान भास्कर को अर्ध्य देकर अपने जीवन में सुख-शांति व समृद्धि व कोरोना से जल्द मुक्ति पाने की कामना की। इसके बाद महिलाएं अपने घर में ठेकुए व फल भगवान को भोग लगाकर अपना 36 घंटे का निर्जला व्रत का पारण किया और छठी मइया के लिए बनाए गए खास ठेकुए का प्रसाद लोगों के बीच वितरण किया।